पलामू टाइगर रिजर्व में पहली बार ऐतिहासिक वन्य प्राणी सप्ताह, ग्रामीणों ने देवी के नाम समर्पित किए हथियार

देवी मां के पास समर्पित हथियार, Pic Credit- Chatgpt
Palamu Tiger Reserve: पलामू टाइगर रिजर्व के 53 वर्षों में पहली बार वन्य प्राणी सप्ताह ऐतिहासिक रूप में मनाया गया. ग्रामीणों ने केशराचंडी और वन देवी की पूजा अर्चना में भाग लेकर जंगल और जानवरों की सुरक्षा के लिए देशी बंदूकें, गुलेल और अन्य हथियार समर्पित किए.
Palamu Tiger Reserve, पलामू (संतोष कुमार): पलामू टाइगर रिजर्व के 53 वर्षों के इतिहास में पहली बार वन्य प्राणी सप्ताह कोऐतिहासिक रूप दिया गया. इसका फायदा ये हुआ कि जंगल और वन्य जीवों के संरक्षण का संदेश सीधे स्थानीय लोगों के दिलों तक पहुंचा. इस बार वन विभाग ने ग्रामीणों की आस्था और परंपरा को जोड़कर इस कार्यक्रम को यादगार बना दिया. वन्य प्राणी सप्ताह के दौरान ग्रामीणों ने केशराचंडी और वन देवी की पूजा अर्चना में भाग लेकर न केवल अपने आराध्य देवी के प्रति भक्ति दिखाई, बल्कि जंगल और जानवरों की सुरक्षा के लिए देशी बंदूकें, गुलेल और अन्य पारंपरिक हथियारों को समर्पित कर समर्पण का संदेश दिया. इसके साथ ही तय किया गया कि हर साल 2 से 8 अक्टूबर तक केशराचंडी और वन देवी की पूजा अर्चना जारी रहेगी.
स्कूली बच्चों से लेकर ग्रामीणों तक सभी ने लिया भाग
पहले वन्य प्राणी सप्ताह केवल स्कूल-कॉलेज के बच्चों तक सीमित होता था, लेकिन इस बार इसके दायरे को बढ़ा दिया गया. जादू का खेल, प्रवचन कथा और महायज्ञ का आयोजन किया गया. 18 किलोमीटर दूर डोमाखाड़ से गारू पूजा स्थल तक कलश यात्रा निकाली गई. प्रवचन कथाओं में भगवान श्रीराम की मदद करने वाले बंदर, हनुमान और भालू सहित अन्य जंगली जीवों का उदाहरण पेश कर राम की महिमा और देवी मां दुर्गा, मां काली का वन्य प्राणियों से प्रेम दर्शाया गया. इससे ग्रामीणों में न केवल जागरूकता आई, बल्कि शिकारियों के मन में भी बदलाव आया. वन विभाग के अधिकारियों की सूझबूझ और योजनाओं के चलते पूरे 10 दिनों तक उत्सव का माहौल बना रहा.
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केशराचंडी पूजा से जंगल और जानवरों का संरक्षण
पलामू टाइगर रिजर्व के घने जंगलों में रहने वाले लोग पहले से ही केशराचंडी देवी और वन देवी की पूजा करते रहे हैं. इस बार वन विभाग ने स्थानीय बैगा समुदाय के माध्यम से देवी की स्थापना और पूजा अर्चना कराई, जिससे ग्रामीणों का विश्वास और जुड़ाव बढ़ा. मान्यता है कि केशराचंडी की पूजा से बाघ सहित अन्य जंगली जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है.
स्थानीय लोगों को जागरूक करने की अनोखी पहल
पलामू टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर कुमार आशीष और रेंजर उमेश कुमार दुबे ने बताया कि इस बार वन्य प्राणी सप्ताह को अनोखे रूप में प्रस्तुत किया गया. स्थानीय पंचायत, जनप्रतिनिधि और बुद्धिजीवियों के सहयोग से यह कार्यक्रम सफल हुआ. उमेश कुमार ने कहा, “स्थानीय परंपराओं और अनुष्ठानों को जोड़कर ही जंगल और वन्य जीवों के संरक्षण में जनता का भरपूर सहयोग मिल सकता है.”
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By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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