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साहित्य व लेखन के क्षेत्र में भी पलामू की अलग पहचान : केएन त्रिपाठी

Updated at : 19 Jan 2025 9:07 PM (IST)
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साहित्य व लेखन के क्षेत्र में भी पलामू की अलग पहचान : केएन त्रिपाठी

उमेश कुमार पाठक रेणु के गजल संग्रह पुस्तक का विमोचन मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने किया.

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सतबरवा. प्रखंड क्षेत्र के लोहड़ी गांव में रविवार को राजकीय अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय गारू लातेहार के सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक उमेश कुमार पाठक रेणु के द्वारा लिखित “बोलता दर्पण” गजल संग्रह पुस्तक का विमोचन मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी तथा विशिष्ट अतिथि रविंद्र नाथ तिवारी के द्वारा किया गया. इसकी अध्यक्षता सूर्यकांत चौधरी ने की व संचालन परशुराम तिवारी ने किया. कार्यक्रम में पलामू जिले के साहित्य के क्षेत्र से जुड़े कई महानुभावों का जुटान हुआ. मौके पर पूर्व मंत्री श्री त्रिपाठी ने कहा कि पलामू जिले के विद्वानों की साहित्यिक तथा लेखन के क्षेत्र में काफी लगाव है. जिसके कारण पलामू की अलग पहचान शुरू से ही रही है. उन्होंने कहा कि सतबरवा के छोटा सा गांव लोहड़ी के उमेश कुमार पाठक रेणु के द्वारा अभी तक चार पुस्तकें लिखी जा चुकी है, जो काबिले तारीफ है. श्री त्रिपाठी ने कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति की अलग पहचान रही है. मुगल शासनकाल में गजलों का विकास काफी तेज गति से हुआ. आज के समय में गीत-संगीत के माध्यम से गजलों को गुनगुनाया जाता है. उन्होंने लेखक उमेश कुमार पाठक रेणु को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अगली बार पुस्तक पर विमोचन को लेकर देश या राज्य की राजधानी में की जायेगी ताकि पलामू की सभ्यता संस्कृति को भी मानस पटल पर लाया जा सके. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद सदस्य रवींद्रनाथ तिवारी ने कहा कि पलामू हमेशा वीरों की धरती रही है. नीलांबर-पीतांबर जैसे कई वीर सपूत पैदा हुए. लिखनी के क्षेत्र में भी कई लोगों ने पलामू का नाम रोशन किया है, जिसमें उमेश कुमार पाठक रेणु का काफी योगदान रहा है. उन्होंने शुभकामना देते हुए कहा कि इस तरह का साहसी कदम काफी सराहनीय है. जिससे पलामू के मान-सम्मान में और चार चांद लगेगा. कवि हरिवंश प्रभात ने कहा कि मेरे द्वारा रचित “रुक रुक परदेसी पलामू जिला देख ले ” की रचना मैंने की थी, मगर बोलता दर्पण गजल संग्रह पुस्तक के माध्यम से उमेश कुमार पाठक रेणु ने पलामू की बातों को व्यक्त किया है. लेखक उमेश कुमार पाठक रेणु ने सभी कवियों तथा अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मेरे द्वारा अभी तक चार पुस्तकें लिखी जा चुकी है जिसमें बूंद, लोहड़ी कुंडलियां, प्रतिध्वनि तथा बोलता दर्पण शामिल है. उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी पुस्तक समाज तथा राष्ट्र को आगे ले जाने में कारगर साबित होगी. मौके पर श्रीधर प्रसाद द्विवेदी, प्रेम भसीन, विजयानंद सरस्वती, रवि शंकर पांडेय, ममता झा, विजय शंकर मिश्र, रविंद्र नाथ झा, रामप्रवेश पंडित, सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह, विजय प्रसाद शुक्ला सहित कई कवियों तथा साहित्यकारों के द्वारा कविता तथा गजल की प्रस्तुति की गयी. मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष अमित तिवारी, मुखिया कलावती देवी, विधायक प्रतिनिधि अजय उरांव, अजीत तिवारी, सुरेश पाठक मृत्युंजय पाठक दिनेश पाठक आशीष सिन्हा, अमरेंद्र पाठक, त्रिपुरारी पाठक, सुनील विश्वकर्मा समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे.

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