निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से जुड़े विधेयक का विरोध

निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से जुड़े विधेयक का विरोध
मेदिनीननगर ़ केंद्र की भाजपा सरकार ने निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से जुड़ा विधेयक 20 अगस्त को संसद में पेश किया है. इसके बाद से देश के विभिन्न क्षेत्रों में इस विधेयक का विरोध होने लगा. रविवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने छह मुहान के पास विरोध प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार का पुतला दहन किया. इसका नेतृत्व कर रहे झामुमो के केंद्रीय समिति सदस्य सन्नू सिद्दीकी ने कहा कि यह विधेयक किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है. यह विधेयक पूर्ण रूप से असंवैधानिक है. केंद्र सरकार को चाहिए इस विधेयक को अविलंब वापस ले. महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सुशीला मिश्रा ने इस विधेयक को लोकतंत्र के लिए घातक बताया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने असंवैधानिक विधेयक संसद में पेश किया,जिसका चौतरफा विरोध हो रहा है. इस विधेयक के प्रावधान के अनुसार 30 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहने पर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का पद समाप्त हो जायेगा. केंद्र सरकार इसे अविलंब वापस ले अन्यथा मुखर आंदोलन किया जायेगा. जिला प्रवक्ता चंदन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार अपने विरोधियों को राजनैतिक, सामाजिक एवं मानसिक स्तर पर नुकसान पहुंचाने के लिए इस तरह का विधेयक पेश किया है. मौके पर झामुमो के जिला उपाध्यक्ष राकेश सिन्हा,असफर रब्बानी, रंजन चंद्रवंशी, रमेश सिंह, अनुराग सिंह, देवानंद भारद्वाज, नवीन सिन्हा, शहबाज आलम, दीपू चौरसिया, विवेक सिंह,हाजी शमीम उर्फ ललन अहमद, शाहनवाज, जिप सदस्य फजायल अहमद, मंजू चंद्रवंशी,कांति चंद्रवंशी,सोनी देवी रिया, अर्चना, संजू देवी, रंजीत जायसवाल, मन्नत सिंह बग्गा, सूरज,कौशल किशोर सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे.
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