NCP विधायक कमलेश कुमार सिंह का हुसैनाबाद को जिला बनाने के पीछे क्या है तर्क, प्रभात खबर से बातचीत में बताया
Published by : Sameer Oraon Updated At : 19 Oct 2023 3:45 PM
हुसैनाबाद विधायक कमलेश सिंह ने अपनी इस मांग के पीछे बेरोजगारी, नक्सलवाद समेत कई चीजों को जिम्मेदार बताया है. उन्होंने कहा कि हुसैनाबाद हरिहरगंज अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र है.
रांची : झारखंड से एनसीपी विधायक कमलेश कुमार सिंह लगातार हुसैनाबाद को जिला बनाने की मांग कर रहे हैं. इसे लेकर उन्होंने हाल ही में राज्यपाल से मुलाकात भी की थी. इसके अलावा उनकी पार्टी ने भी अपनी इस मांग को लेकर लगातार आंदोलन किया है. इस मामले को लेकर प्रभात खबर डॉट कॉम के प्रतिनिधि ने समीर उरांव ने विधायक कमलेश सिंह से खास बातचीत कर उनके इस मांग का आधार जानने की कोशिश की.
हुसैनाबाद विधायक कमलेश सिंह ने अपनी इस मांग के पीछे बेरोजगारी, नक्सलवाद समेत कई चीजों को जिम्मेदार बताया है. उन्होंने कहा कि हुसैनाबाद हरिहरगंज अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र है. दूसरी चीज है ये है कि इसमें 5 प्रखंड हैं. जब मैं 2005 में मंत्री बना था तो मैंने तीन प्रखंड बनाया था. मांग की पीछे सबसे बड़ी वजह ये है कि मुहम्मदगंज से हुसैनाबाद की दूरी 130 किमी है. जबकि हैदरनगर की दूरी 110 किमी है. इस वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
हुसैनाबाद विधायक का कहना है कि इस क्षेत्र में आए दिन आकाल पड़ते रहता है. इसे संबंधित कागजात रांची में मेरे मंत्री पद संभालने के दौरान ही जमा था. लेकिन उसी वक्त हमारी सरकार गिर गयी. अभी 9 प्रखंड और दो अनुमंडल मिलाकर जिला घोषित करने को लेकर आवेदन दिया गया है. वैसे भी अगर आप देखेंगे तो जिस जगह पर 5 प्रखंड है उसे जिला का दर्जा दे दिया गया है. मेरा सवाल ये है कि उसे क्यों बनाया गया. वहीं जनसंख्या लिहाज से भी ये बेहतर है. इसके अलावा यहां पर पहले सीमेंट फैक्ट्री था, जहां यहां के नौजवानों को नौकरी मिलती थी. लेकिन आज सब बंद है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि यहां के लोगों को रोजगार कैसे मिलेगा. जिला बनने से यहां पर उद्योग धंधे लगेंगे और विकास के काम में तेजी आएगी. लेकिन आज विकास का कोई कार्य नहीं रहा है और ढिंढोरा पिटा जा रहा है.
हमारी जिला बनाने की मांग बहुत दिनों से हो रही है. मांर्च 2021 में शरद पवार जब रांची आए थे तो उनसे भी ये मांग हुई थी कि जल्द से जल्द हुसैनाबाद को जिला बना दिया जाए. तब शरद पवार ने भरे मंच से ये आश्वासन दिया कि लोगों की मांग की जल्द से जल्द पूरी होगी.
किसी भी राज्य में जिले बनाने की शक्ति वहां की सरकार के पास ही निहित होती है. इसमें जिले बढ़ाना, बदलना, किसी का दर्जा खत्म करना आदि शामिल है. इसके लिए बस सरकार को आधिकारिक राजपत्र में नोटिफिकेशन जारी करना होता है. वैसे औपचारिक रुप से रेवेन्यू डिपार्टमेंट की ओर से एक कमेटी बनाई जाती है, जो सिफारिश करती है और उसके बाद सरकार उस पर अपनी स्वीकृति देती है.
इसके लिए या तो मुख्यमंत्री कार्यकारी आदेश दे सकते हैं या फिर इसके लिए विधानसभा में नया कानून पारित करके नया जिला बनाया जा सकता है. इसके अलावा कई बार उस जगह की क्षेत्रफल और जनसंख्या और अन्य परिस्थियां भी मायने रखती है.
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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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