पलामू के 3 प्रखंड की लाइफ लाइन मानी जाने वाली मलय डैम का जलस्तर बढ़ने से किसानों में खुशी

Updated:
विज्ञापन

मलय डैम तथा उसका नहर। | Prabhat Khabar Network

पलामू के मलय डैम में दो दिनों की बारिश से जलस्तर 38 फीट पहुंचा। नहर मरम्मत के बाद 105 गांवों के किसानों को धान की खेती के लिए मिल रहा पर्याप्त पानी।

विज्ञापन

रमेश रंजन की रिपोर्ट पलामू. जिला मुख्यालय से महज 30 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित सतबरवा प्रखंड के मुरमा कठौतिया मलय डैम‌ तीन प्रखंड क्षेत्र के किसानों के लिए लाइफ लाइन मानी जाती है, जिससे किसानों के खेतों में हरियाली के साथ-साथ उनके घरों में खुशिहाली आती है. पिछले दो दिनों के मूसलाधार वर्षा से 18 फीट पानी का बढ़ोतरी हुआ है विभाग के कनीय अभियंता हृदय कुमार ने बताया कि तत्काल डैम में 38 फीट पानी उपलब्ध है.

पानी के बढ़ोतरी से किसानों के चेहरे पर खुशी

पानी के बढ़ोतरी से किसानों के चेहरे पर खुशी झलक रही है. पिछले दिनों मुख्य नहर के चैन संख्या 18 सतबहिनी के समीप क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण किसानों को धान रोपनी के पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा जिसको लेकर किसानों ने महापंचायत का आयोजन किया. किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए पलामू डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत तथा पांकी विधायक कुशवाहा डॉ शशी भूषण मेहता स्थल का दौरा कर अभिलंब दुरुस्त करने के लिए विभाग को आदेश दिया.

ये भी पढ़ें: तेजी से बढ़ रहा हैं कोयल और अमानत नदी का जलस्तर,भीषण बाढ़ की आशंका, प्रशासन अलर्ट

19200 हैक्टेयर भूमि को संचित करने का लक्ष्य

जिसके परिणाम स्वरूप क्षतिग्रस्त नहर का मरम्मत कार्य हो सका. नहर के मरम्मत होने के बाद सतबरवा लेस्लीगंज तथा सदर मेदिनीनगर प्रखंड के लगभग 105 गांव के किसानों के खेतों तक पानी पहुंच रहा है. इस डैम के पानी से 19200 हैक्टेयर भूमि को संचित करने का लक्ष्य रखा गया है जिसके लिए नौ शाखा नहर भी बनाया गया है.

पूर्व मंत्री पूरन चंद के प्रयास से हुआ था निर्माण

एकीकृत बिहार में कर्पूरी ठाकुर सरकार में मंत्री रहे डाल्टनगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरनचंद (अब स्वर्गीय) के दूरदर्शी सोच तथा प्रयास के परिणाम स्वरूप 1972 में मलय जलाशय योजना का आधारशिला रखा गया . जिसके परिणाम स्वरूप 80 के दशक डैम में बनकर तैयार हुआ.आज यह डैम किसानों के लिए वरदान के रूप में साबित हो रहा है.

ये भी पढ़ें: सिर्फ कागजों में सिमटा पाटन विद्युत विभाग का सब-डिवीजन कार्यालय, उपभोक्ता परेशान

राजनीतिक मुद्दा में भी शामिल रहता है मलय डैम

डाल्टनगंज विधानसभा के पूर्वी क्षेत्र के मतदाताओं को रिझाने के लिए चुनाव के समय डैम के सुंदरीकरण, पर्यटन के रूप में विकसित करने, विस्तारीकरण समेत अन्य मुद्दे को लेकर राजनेता काफी प्रयास करते हैं जिसका समय-समय पर लाभ ही मिलता है. डैम की मरम्मत, फाटक लगाने जैसे मुद्दे को लेकर झारखंड के प्रथम स्पीकर इंदर सिंह नामधारी, अनिल चौरसिया, (अब स्वर्गीय) पूर्व मंत्री के एन त्रिपाठी ,विधायक आलोक चौरसिया समेत के नेता जन आंदोलन करते रहे हैं जिसका लाभ भी उन्हें मिलता है.

मलय डैम तथा उसका नहर। | Prabhat Khabar Network
मलय डैम तथा उसका नहर। | Prabhat Khabar Network


विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola