कोयल अपैरल पार्क महिला सशक्तीकरण की एक उत्कृष्ट मिसाल : मंत्री

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कोयल अपैरल पार्क महिला सशक्तीकरण की एक उत्कृष्ट मिसाल : मंत्री

कोयल अपैरल पार्क महिला सशक्तीकरण की एक उत्कृष्ट मिसाल : मंत्री

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मेदिनीनगर ़ पलामू जिले में महिला सशक्तिकरण और स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चैनपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में कोयल अपैरल पार्क का संचालन पुन: शुरू किया गया है. मुख्य अतिथि ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह व वित मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कोयल अपैरल पार्क का निरीक्षण किया. बताया गया कि जेएसएलपीएस से जुड़े समूह के महिला सदस्यों को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा गया है. मंत्री श्रीमति सिंह ने जेएसएलपीएस के सदस्यों के कार्यों की सराहना की. उन्होंने कहा कि यदि बेहतर प्रशिक्षण मिले तो ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी बेहतर उत्पाद तैयार कर सकती है, ताकि उसका व्यवसाय बेहतर हो सके. उन्होंने इस मॉडल को राज्य के अन्य जिलों में लागू करने की जरूरत बताया. कहा कि प्रखंड स्तर पर इस तरह का मॉडल तैयार करें और ग्रामीण क्षेत्र के महिलाओं को सिलाई कटाई का प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़े.इससे महिला सशक्तीकरण को बल मिलेगा साथ ही पलायन पर रोक लगेगी. विशिष्ट अतिथि वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि इस तरह के पहल से जिले में औद्योगिक विकास का बेहतर माहौल तैयार होगा और आजीविका का साधन बढ़ेगा.उन्होंने कोयल अपैरल की बुनियादी सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अपने कोष से 10 लाख रुपये देने की घोषणा की. वित्त मंत्री श्री किशोर ने प्रबंधन को सुझाव दिया कि वर्तमान उत्पाद के साथ-साथ टी-शर्ट, पैजामा और अन्य परिधानों का निर्माण शुरू किया जाना चाहिए. उत्पाद श्रृंखला में विविधता से बाजार में उत्पाद की मांग बढ़ेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. बड़े पैमाने पर किया जा रहा मास्क का निर्माण कोयल अपैरल पार्क पलामू जिले में महिला सशक्तीकरण और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा स्थापित एक औद्योगिक सिलाई केंद्र है. तत्कालीन डीसी के निर्देश पर वर्ष 2019 में इसकी शुरुआत हुई. इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं, विशेषकर स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है.कोविड-19 महामारी के दौरान इस केंद्र ने बड़े पैमाने पर मास्क और सैनिटाइजर का उत्पादन किया था, जिसके लिए इसे नीति आयोग से सराहना मिली थी. कुछ समय तक बंद रहने के बाद, अब इसे पीपीपी मॉडल के तहत लीजर एंड लाइफस्टाइल ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से दोबारा शुरू किया गया है.वर्तमान में यहां अंतरराष्ट्रीय ब्रांड डिक्सी स्कॉट के अंतः वस्त्रोंका उत्पादन शुरू किया गया है. वर्तमान में यहां सखी मंडल की 60 सदस्यों को सीधा रोजगार मिला है. प्रशासन का लक्ष्य है कि आगामी छह महीनों में इस संख्या को बढ़ाकर 300 किया जाये जिससे क्षेत्र की अधिक से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सके.

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Shailesh Ambashtha

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