मेदिनीनगर. पलामू के लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के कमलकेड़िया गांव के सीआरपीएफ जवान महिमानंद शुक्ला का राजकीय सम्मान के साथ दाह संस्कार शुक्रवार को अमानत नदी घाट पर किया गया. अंतिम संस्कार में चतरा सांसद कालीचरण सिंह, पांकी विधायक शशिभूषण मेहता, सीआरपीएफ के आइजी साकेत कुमार सिंह, पलामू डीआइजी वाइएस रमेश, सीआरपीएफ डीआइजी पंकज कुमार ने शहीद जवान महिमानंद शुक्ला को सलामी दी. शहीद पिता को 15 वर्षीय पुत्र रिशु कुमार ने मुखाग्नि दी. सीआरपीएफ के जवानों की टुकड़ी ने शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया. अंतिम विदाई देने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी. महिमा शुक्ला अमर रहे के नारे लगाये गये. हर किसी की आंखें नम थी. महिमानंद शुक्ला केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 231 बटालियन के हेड कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात थे. 11 फरवरी को महिमा शुक्ला नक्सल विरोधी अभियान निकले थे. इसी क्रम में आइइडी की चपेट में आ गये थे. इलाज के लिए छत्तीसगढ़ के रायपुर में भर्ती करवाया गया था. 20 फरवरी को नयी दिल्ली एम्स में अंतिम सांस ली. उनका 10 दिनों तक इलाज चला, लेकिन बचाया नहीं जा सका. शहीद होने की खबर के साथ ही पूरे पलामू में मातम छा गया. पैतृक गांव कमलकेडिया में शोक की लहर है. परिजन रो-रोकर बेहाल थे. कई महिलाएं बेसुध हो गयी. महिमानंद शुक्ला का एक बेटा व एक बेटी है. जिला प्रशासन के कई अधिकारी भी मौजूद रहे. अधिकारियों ने कहा कि महिमानंद की शहादत व्यर्थ नहीं जायेगी. नक्सलियों के खिलाफ अभियान और तेज किया जायेगा. प्रशासन व सुरक्षा बलों ने परिवार को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया. अंत्येष्टि स्थल पर शिक्षक परशुराम तिवारी, अधिवक्ता देव कुमार शुक्ला, सेवानिवृत्त शिक्षक विनोद शुक्ला, त्रिपुरारी शुक्ला व सुरेन्द्र शुक्ला ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी. लोगों ने बताया कि शहीद हो जाने से परिवार के मर्माहत हैं. लेकिन गर्व है कि उन्होंने देश की सेवा करते हुए बलिदान देकर मस्तक ऊंचा किया.
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