अधिक बारिश होने से मकई की खेती की टूटी आस, किसानों ने किया पलायन

Published by : DEEPAK Updated At : 06 Jul 2025 11:25 PM

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अत्याधिक बारिश के कारण इस वर्ष अभी तक खरीफ की टडि़हन फसल मकई, बोदी,बराई की खेती शुरू नहीं हो सकी

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मोहम्मदगंज. अत्याधिक बारिश के कारण इस वर्ष अभी तक खरीफ की टडि़हन फसल मकई, बोदी,बराई की खेती शुरू नहीं हो सकी. इस कारण इस खेती पर निर्भर किसानों की उम्मीद टूट चुकी है. इसलिए अब वैसे किसानों का पलायन शुरू हो गया है.रविवार को ट्रेन 19 लोगों ने खेती की उम्मीद छोड़ मजदूरी के लिए पलायन कर गये. ये लोग सबसे अधिक मकई की फसल पर आश्रित थे. पलायन करने वाले लोगों में अधिकांश माहुर के भुइयां टोला के लोग शामिल थे. इनमें सुशील, भुइयां,जीबोध भुइयां, कमला, पानपति, जीरा,गीता, पवन, मुन्ना,मोहन, जितेंद्र, भुइयां आदि के नाम शामिल हैं. इनमें महिलाओं की संख्या अधिक थी. पलायन करने वालो में शामिल सुशील भुइयां ने बताया कि माहुर गांव में खरीफ सीजन के पहला निवाला मकई की खेती की संभावना कम है. यहां के लोग हर साल मकई की खेती करते थे. लेकिन इस बार उम्मीद नहीं के बराबर है. इसलिए मजबूरी में पलायन को विवश हैं. बिहार जा रहे हैं वहां धान की रोपाई करेंगे. तीनों टाइम भोजन के साथ 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलेगी.

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