15.1 C
Ranchi
Wednesday, February 21, 2024

BREAKING NEWS

Trending Tags:

Homeराज्यझारखण्डपलामू में पाटन प्रखंड में पेयजलपूर्ति योजना फेल, स्टेडियम भी हुआ जर्जर

पलामू में पाटन प्रखंड में पेयजलपूर्ति योजना फेल, स्टेडियम भी हुआ जर्जर

ग्रामीणों के अनुसार बरसैता गांव में 29 करोड़ की लागत से अमानत नदी के किनारे पंप हाउस व जलमीनार बनाया गया था. इस योजना से सांसद आदर्श ग्राम को प्राथमिकता के आधार पर पानी उपलब्ध कराना था.

पाटन : पाटन प्रखंड अंतर्गत किशुनपुर सांसद आदर्श ग्राम पंचायत के लोगों को करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी पेयजल नहीं मिल पाया. वर्ष 2016 में 28 लाख की लागत से आरओ प्लांट लगाया गया था. जो दो माह बाद ही खराब हो गया. अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद पलामू सांसद वीडी राम ने सक्रियता दिखायी. पंजाब से इंजीनियर बुलाया गया. लेकिन कुछ दिन में ही आरअो प्लांट फिर खराब हो गया. फिलहाल चार वर्षों से यह बंद है. जिसे देखने-पूछने वाला कोई नहीं है. आरओ प्लांट से पेयजलापूर्ति नहीं होती थी.

प्लांट के बाहर ही नल लगा हुआ था. ग्रामीणों के अनुसार बरसैता गांव में 29 करोड़ की लागत से अमानत नदी के किनारे पंप हाउस व जलमीनार बनाया गया था. इस योजना से सांसद आदर्श ग्राम को प्राथमिकता के आधार पर पानी उपलब्ध कराना था. साथ ही 18 गांव को भी पानी देना था. लेकिन यह योजना भी फेल हो चुकी है. इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद भी ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हुआ. कभी-कभार पानी मिलता था. लेकिन इधर करीब एक वर्ष से एक बूंद भी पानी नहीं मिल रहा है. इस योजना का उद्घाटन वर्ष 2019 में सांसद वीडी राम द्वारा ही किया गया था.

Also Read: झारखंड: पलामू के पांकी इलाके में जुआ खेल रहे शख्स की गोली मारकर हत्या, अपराधियों ने दौड़ाकर मारी गोली

इसी पंचायत में 98 लाख से बना स्टेडियम जर्जर हो चुका है. खिड़की-दरवाजे टूट गये हैं. दर्शकों के बैठने के लिए बनायी गयी गैलरी भी टूट गयी है. किशुनपुर सांसद आदर्श ग्राम पंचायत में सड़क का भी अभाव है. किशुनपुर में कई ऐसी सड़कें हैं, जिस पर चलना मुश्किल होता है. गांव में नाली नहीं है. कई अनुसूचित जाति के लोगों को पीएम आवास का भी लाभ नहीं मिला. शौचालय नहीं है. कुछ लोगों को शौचालय मिला भी था, जो बिचौलियों के भेंट चढ़ गया. इसे लेकर कई बार आवाज उठी, लेकिन हालत ढाक के तीन पात वाली रही. जिससे खुले में शौच करना यहां के लोगों की विवशता है. स्वास्थ्य विभाग की स्थिति भी ठीक नहीं है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है पर आवश्यकता के मुताबिक चिकित्सक नहीं हैं. सिर्फ एक चिकित्सक हैं, जो सप्ताह में एक-दो दिन ही बैठते हैं. शेष दिन ग्रामीण भगवान भरोसे रहते हैं. पशुपालन विभाग तो कभी खुलता ही नहीं है.

तकनीकी खराबी के कारण जलापूर्ति बंद

किशुनपुर पंचायत की मुखिया सह पेयजलापूर्ति समिति की अध्यक्ष सुमन गुप्ता की मानें तो तकनीकी खराबी के कारण पेयजलापूर्ति बंद है. लेकिन बहुत जल्द ठीक हो जायेगा. इसे ठीक कराने के लिए अधिक राशि की आवश्यकता है. जिसके लिए प्राक्कलन तैयार कर केंद्र सरकार के पास भेज दिया गया है.

You May Like

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

अन्य खबरें