बिरसा मुंडा स्वतंत्रता सेनानी नहीं, आंदोलन के प्रतीक हैं: डॉ मेहता

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बिरसा मुंडा स्वतंत्रता सेनानी नहीं, आंदोलन के प्रतीक हैं: डॉ मेहता

बिरसा मुंडा स्वतंत्रता सेनानी नहीं, आंदोलन के प्रतीक हैं: डॉ मेहता

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नीलांबर-पीतांबरपुर. भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती मनायी गयी. प्रखंड परिसर में स्थित नीलांबर-पीतांबर के प्रतिमा पर पांकी विधायक डॉ शशिभूषण मेहता ने माल्यार्पण किया. विधायक डॉ. मेहता ने कहा कि वीर बिरसा मुंडा केवल एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि वह एक चेतना, एक आंदोलन और एक अस्मिता के प्रतीक हैं. उन्होंने आदिवासी समाज को स्वाभिमान, संगठन व संघर्ष का जो मार्ग दिखाया, वह आज भी प्रासंगिक है. जनजातीय गौरव दिवस उनके विचारों और बलिदान को पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प दिवस है. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की परंपरा, संस्कृति और जीवन मूल्य भारत की असली पहचान हैं. केंद्र व राज्य सरकार दोनों ही जनजातीय समुदाय के शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आजीविका और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए निरंतर गंभीर हैं. पांकी विधानसभा क्षेत्र में भी आदिवासियों के गांवों तक विकास की हर योजना पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता अटूट है. मौके पर अधिवक्ता लाला प्रसाद यादव, विधायक जिला प्रतिनिधि प्रकाश मेहता, प्रोफेसर राजकमल वर्मा, सुनील कुशवाहा, प्रमुख सुनील पासवान, उदेश यादव, सामाजिक कार्यकर्ता कमेश यादव, मिट्ठी वर्मा, ओमप्रकाश दुबे, सुधीर तिवारी, अजय तिवारी, राजदेव मेहता सहित कई लोग मौजूद थे.

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Akarsh Aniket

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