मेदिनीनगर : पलामू के लोग साल के बारहों महीने यहीं की मिट्टी में उपजा हुआ आम का मजा ले सकते हैं. जानकारों की माने तो पलामू की मिट्टी बारहमसिया आम के पौधे के लिए काफी उपयुक्त है और यह साबित भी हुआ है.
इस संबंध में विश्वव्यापी पर्यावरण संरक्षण अभियान के केंद्रीय अध्यक्ष कौशलकिशोर जायसवाल ने बताया कि अपने आवासीय परिसर में उन्होंने यह आम का पौधा लगाया था, पौधा लगाने के तीन माह के बाद ही उसमें फल लग गया. गुरूवार को श्री जायसवाल ने अपने आवासीय परिसर में लगे पौधों को पत्रकारों को दिखाया.
बताया कि पौधे में एक आम है जो पका हुआ है, शेष आम छोटे-छोटे हैं. इस पौधे के बारे में उन्हें जो जानकारी है, उसके मुताबिक साल में इस पौधे पर चार बार फल लगेंगे, यानी किसी भी मौसम में यह फल मिल सकता है. पलामू की मिटटी इस पौधे के लिए काफी उपयूक्त है.
इसके लगाने से दो लाभ है, एक तो व्यवसायिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है और दूसरा इससे पर्यावरण की भी रक्षा होगी. यहां के किसान इस पौधे को लगाये, इसके लिए 2016 में वह नि:शुल्क इस पौधे का वितरण भी करेंगे, ताकि पलामू के लोगों को भी बारहमसिया आम मिल सके.
