नगर निगम बना बोझ, न सड़क, न नाली, सिर्फ टैक्स

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नगर निगम बना बोझ, न सड़क, न नाली, सिर्फ टैक्स

प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम में नगर निगम क्षेत्र के पूर्णाडीह के लोगों ने बतायी पीड़ा

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प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम में नगर निगम क्षेत्र के पूर्णाडीह के लोगों ने बतायी पीड़ा

प्रतिनिधि, मेदिनीनगर

नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या–2 अंतर्गत पूर्णाडीह में मंगलवार को प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं और नाराजगी सामने रखी. लोगों ने बताया कि वर्ष 2017 से पूर्व यह इलाका सिगरा पंचायत के अधीन था. उस समय यहां ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ मिल रहा था. बाद में मेदिनीनगर प्रखंड की कुछ पंचायतों को शामिल कर नगर परिषद को प्रमोट करते हुए नगर निगम का दर्जा दिया गया, जिसमें पूर्णाडीह को भी शामिल कर लिया गया. ग्रामीणों ने उस समय इस फैसले का कड़ा विरोध किया था, लेकिन उनकी आपत्ति को नजरअंदाज कर दिया गया.

स्थानीय लोगों ने बताया कि निगम में शामिल किए जाने के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और जीवन स्तर में सुधार का भरोसा दिलाया था. लेकिन सात वर्ष बीत जाने के बाद भी हालात में कोई बदलाव नहीं आया. न तो शहरी सुविधाएं मिलीं और न ही ग्रामीण योजनाओं का लाभ मिल रहा है. लोगों का कहना है कि निगम में शामिल होने से उन्हें किसी भी तरह का फायदा नहीं हुआ, बल्कि वे दोहरी मार झेल रहे हैं.

शहर के हृदयस्थली छह मुहान से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित यह इलाका आज भी पूरी तरह ग्रामीण परिवेश में है. अधिकांश लोग खेती-किसानी पर निर्भर हैं और यहां की जमीन कृषि योग्य है. ग्रामीणों का कहना है कि नगर निगम में शामिल होने के बाद प्रशासन ने टैक्स जरूर लगा दिया, लेकिन सुविधाएं एक भी नहीं दी गयीं. लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. ग्रामीणों ने सरकार से मांग की कि या तो इस इलाके को नगर निगम से मुक्त किया जाये या फिर यहां बुनियादी शहरी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाये.

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सांसद और विधायक की बात तो छोड़ ही दें, नगर निगम के मेयर, डिप्टी मेयर, वार्ड पार्षद और नगर आयुक्त ने भी कभी इस इलाके का दौरा नहीं किया. इससे लोगों में आक्रोश और निराशा दोनों है. उनका कहना है कि जब जनप्रतिनिधि ही हालात देखने नहीं आते, तो सुधार की उम्मीद कैसे की जा सकती है.

लोगों ने बताया कि निगम में शामिल होने के बाद एक भी ठोस विकास कार्य नहीं हुआ. सड़क और नाली का निर्माण नहीं होने के कारण लोग आज भी पगडंडी के सहारे आने-जाने को मजबूर हैं. स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है, जिससे रात में अंधेरा छाया रहता है. पीने के पानी की स्थिति और भी बदतर है. पूर्णाडीह में एक भी चापानल नहीं है और लोग निजी स्रोतों से किसी तरह पानी की व्यवस्था कर रहे हैं.

ग्रामीणों ने पीएम आवास योजना में भी कथित अनियमितता का आरोप लगाया. लोगों का कहना है कि कुछ लोगों को रिश्वत लेकर योजना का लाभ दिया गया, जबकि जरूरतमंद आज भी वंचित हैं. कार्यक्रम के दौरान मनोज राम, छठु राम, संतोष अमित, जगजीवन राम, निरंजन राम, गोठूल राम, पुरन राम, कमेश राम, सूरज, नारायण राम, संजय राम, रणजीत राम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

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