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भाषाएं केवल संवाद का माध्यम नहीं, हमारी सांस्कृतिक धड़कन भी: पीडीजे

Updated at : 11 Dec 2025 5:16 PM (IST)
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भाषाएं केवल संवाद का माध्यम नहीं, हमारी सांस्कृतिक धड़कन भी: पीडीजे

डीपीएस पाकुड़ में 4 से 11 दिसंबर तक आयोजित भारतीय भाषा उत्सव–25 का समापन समारोह उत्साह और सद्भाव के साथ हुआ। मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेष नाथ सिंह ने दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम शुरू किया। इस सात दिवसीय उत्सव में हिंदी, बंगाली, गुजराती, तमिल, तेलुगु, पंजाबी, उड़िया सहित कई भाषाओं में कविताएं और नाट्य प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में भारतीय भाषाओं का सम्मान और ज्ञान बढ़ाना था। प्रधानाचार्य जेके शर्मा ने बताया कि भाषा वृक्ष प्रदर्शनी, भाषा मेला, बहुभाषी कहानी श्रृंखला जैसी गतिविधियों से छात्र विभिन्न राज्यों की संस्कृति एवं साहित्य से परिचित हुए। निदेशक अरुणेंद्र कुमार ने बच्चों में राष्ट्रीय एकता और विविधता के प्रति सम्मान के लिए आयोजन की सराहना की।

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डीपीएस में आयोजित भारतीय भाषा उत्सव कार्यक्रम का हुआ समापन11 दिसंबर नगर प्रतिनिधि, पाकुड़. डीपीएस, पाकुड़ में सीबीएसई के निर्देशानुसार 4 से 11 दिसंबर तक आयोजित भारतीय भाषा उत्सव–25का समापन समारोह उत्साह और सद्भाव के साथ सम्पन्न हुआ. अनेक भाषा-भाव एक थीम के अंतर्गत सात दिनों तक चले इस उत्सव का उद्देश्य बच्चों में भारतीय भाषाओं के प्रति सम्मान और ज्ञान का विस्तार करना था. समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेष नाथ सिंह उपस्थित रहे. उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस अवसर पर विविध भाषाई एकता प्रस्तुत करती कविताएं और लघु नाट्य मंचन विषय पर बच्चों ने गुजराती, बंगाली, हिंदी, उड़िया, तमिल, तेलुगु, पंजाबी और अंग्रेजी सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं में कविता पाठ और मनोरंजक नाट्य प्रस्तुति दी. मुख्य अतिथि ने विद्यालय को बधाई देते हुए कहा कि भारतीय भाषाओं का सम्मान और ज्ञान बढ़ाना प्रत्येक विद्यार्थी के लिए आवश्यक है, क्योंकि भाषाएं केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धड़कन हैं. प्रधानाचार्य जेके शर्मा ने बताया कि उत्सव के सात दिनों में भाषा वृक्ष प्रदर्शनी, भाषा मेला, कहावतों में एकता, बहुभाषी कहानी श्रृंखला, भाषा अन्वेषण क्लब और काव्य-नाट्य मंचन जैसे गतिविधियों से छात्रों ने विभिन्न राज्यों की संस्कृति, खान-पान, लोकगीत और साहित्य को समीप से समझा. विद्यालय के निदेशक अरुणेंद्र कुमार ने कार्यक्रम की सफलता पर टीम को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में विविधता के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय एकता की भावना को सशक्त करते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANU KUMAR DUTTA

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By SANU KUMAR DUTTA

SANU KUMAR DUTTA is a contributor at Prabhat Khabar.

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