ePaper

ग्राम प्रधानों को पेसा कानून व अधिकार की दी गयी जानकारी

Updated at : 13 May 2024 7:51 PM (IST)
विज्ञापन
ग्राम प्रधानों को पेसा कानून व अधिकार की दी गयी जानकारी

बासेतकुंडी पंचायत कार्यालय में खजूरडंगाल और बासेतकुंडी पंचायत के ग्राम प्रधानों का एकदिवसीय उन्मुखिकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया.

विज्ञापन

पाकुड़िया. लोक कल्याण सेवा केंद्र देवीनगर की ओर से सोमवार को बासेतकुंडी पंचायत कार्यालय में खजूरडंगाल और बासेतकुंडी पंचायत के ग्राम प्रधानों का एकदिवसीय उन्मुखिकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में उपस्थित ग्राम प्रधानों को संस्था प्रमुख राजीव रंजन ने पंचायत प्रावधान अधिनियम, 1996 पेसा अधिनियम के बारे में जानकारी दी. बताया कि भारत के अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए पारंपरिक ग्राम सभाओं के माध्यम से स्वशासन सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार द्वारा लागू अधिनियम एक कानून है पेसा अधिनियम. इसके तहत भारत के 10 राज्य आते हैं. पर झारखंड राज्य में पूर्ण रूप से इस कानून को लागू नहीं किया गया है. झारखंड के परंपरागत सामुदायिक रीति रिवाज व नेतृत्व कर्ता ग्राम प्रधान, परानिक, जोग मांझी, गुरित के जिम्मेदारी के बारे में भी कार्यशाला में जानकारी दी गयी. बताया कि पंचायतों का काम ग्राम-सभा की देख-रेख में चलता है. यह ग्राम पंचायत में विकास योजना बनाने में मदद करती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola