निक्षय मित्रों की सहभागिता से भारत हो पायेगा टीबी मुक्त : डीसी

Updated at : 24 Mar 2025 7:09 PM (IST)
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निक्षय मित्रों की सहभागिता से भारत हो पायेगा टीबी मुक्त : डीसी

पाकुड़. सदर अस्पताल के सभागार कक्ष में सोमवार को राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन हुआ.

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पाकुड़. सदर अस्पताल के सभागार कक्ष में सोमवार को राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन हुआ. कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त मनीष कुमार, सिविल सर्जन डॉ मंटू कुमार टेकरीवाल, डीएस डॉ मनीष कुमार, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ केके सिंह, जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ अमित कुमार ने संयुक्त रूप से किया. उपायुक्त ने टीबी रोग को खत्म करने की दिशा में बेहतरीन कार्य करने वाले मुखिया, सीएचओ, संस्थाओं, सहिया, अधिकारियों एवं कर्मियों को किया सम्मानित किया. उपायुक्त ने कहा कि इस वर्ष का थीम यश वी केन इंड टीबी रखी गयी है. अधिक से अधिक निक्षय मित्रों की सहभागिता से ही वर्ष 2025 तक भारत टीबी मुक्त हो पायेगा. कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यक्ष्मा पर बेहतर कार्य किए हैं. बताया कि मरीजों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होने दी जायेगी. डीएमएमएफटी मद से मरीजों के बीच निक्षय कीट का वितरण किया जायेगा. मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता योजना के बारे में सहिया दीदियों से गांव-गांव में जाकर प्रचार-प्रसार करने की अपील की. कहा कि सरकार न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश कर रही है, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रही है कि ऐसी सुविधायें दूर-दराज के इलाकों में भी उपलब्ध हो. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी के मरीजों का इलाज उपरोक्त संस्थाओं की ओर से या व्यक्तिगत रूप से जिला, प्रखंड, पंचायत और टोला स्तर पर रोगियों के इलाज के दौरान गोद लेते हुए टीबी मुक्त होने तक या कम से कम छह माह तक पोषाहार देकर उन्हें टीबी मुक्त बनाना है. वर्तमान में टीबी के मरीजों को सरकार की तरफ से सहायतार्थ पांच सौ रुपये पोषाहार के लिए मुहैया कराया जाता है. सिविल सर्जन ने कहा कि टीबी लाइलाज नहीं है. समयनुसार इलाज आरंभ किये जाने व नियमित दवा के सेवन से टीबी के रोगी पूर्ण रूप से ठीक हो सकते हैं. कहा कि दो सप्ताह या उससे ज्यादा समय तक खांसी रहने पर तुरंत टीबी की जांच करायें. यह जांच सभी सरकारी अस्पताल में निशुल्क किया जाता है. टीबी रोकथाम के लिए टीबी की मुफ्त जांच, दवाएं, परामर्श सहायता, निक्षय पोषण योजना अंतगर्त सभी टीबी रोगी को उपचार अवधि में पोषण सहायता राशि 500 रुपये प्रतिमाह की दर से दिया जाता है. उपायुक्त ने सदर अस्पताल का निरीक्षण किया. उपायुक्त ने पुरुष वार्ड, एमटीसी वार्ड, शौचालय एवं किचेन का निरीक्षण कर सिविल सर्जन को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिये.

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