इस साल कम बारिश की संभावना, वैज्ञानिक खेती से पैदावार बढ़ायें किसान: डीएओ
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 23 May 2026 6:09 PM
पाकुड़ में जिला स्तरीय खरीफ कार्यशाला में किसानों को वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी गई। उपायुक्त जेम्स सुरीन व जिला कृषि पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। किसानों को सूखा संभावनाओं के मद्देनजर गहरी जुताई, संतुलित उर्वरक, मिट्टी जांच और हरी खाद के उपयोग की सलाह दी गई। मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर उर्वरक उपयोग और ऋण योजनाओं की जानकारी भी दी गई। सभी प्रखंडों में कार्यशाला कर अधिक किसानों तक जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
जिला स्तरीय खरीफ कार्यशाला में किसानों को वैज्ञानिक खेती की मिली जानकारी प्रतिनिधि, पाकुड़ कृषि विभाग की ओर से स्थानीय रविंद्र भवन में शुक्रवार को जिला स्तरीय खरीफ कार्यशाला आयोजित की गई. कार्यक्रम का शुभारंभ अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन, जिला कृषि पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार, आईटीडीए निदेशक अरुण कुमार एक्का, जिला मत्स्य पदाधिकारी काजल तिर्की, जिला कृषि वैज्ञानिक माया कुमारी, जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक कुमार भगत समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यशाला में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से किसान शामिल हुए. किसानों को सरकार की योजनाओं की जानकारी दी गई और वैज्ञानिक पद्धति से खेती अपनाने पर जोर दिया गया. जिला कृषि पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार ने कहा कि इस वर्ष संभावित सुखाड़ की आशंका है. पिछले वर्ष की तुलना में 20 से 25 प्रतिशत कम वर्षा होने की संभावना है. ऐसी स्थिति में नुकसान से बचाने के लिए विभाग पहले से तैयारी कर रहा है. उन्होंने किसानों को गहरी जुताई, एनपीके उर्वरक का उपयोग, पोटाश आधारित स्प्रे, मिट्टी की जांच और हरी खाद के प्रयोग की सलाह दी. उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में 12 इंच तक मिट्टी पलटने वाली गहरी जुताई से खेत की मिट्टी कीट, खरपतवार और रोगों से मुक्त होती है. इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और पैदावार में लगभग 25 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है. कार्यशाला में मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग की जानकारी दी गई. साथ ही केसीसी और झारखंड कृषि ऋण माफी योजना के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया. अधिकारियों ने सभी प्रखंडों में खरीफ कार्यशाला आयोजित कर अधिक किसानों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का निर्देश दिया. किसानों को पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं की भी जानकारी दी गई. मौके पर भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, डीडीएम नाबार्ड, अग्रणी बैंक प्रबंधक, केवीके वैज्ञानिक, जिला उद्यान पदाधिकारी, पणन सचिव, उप परियोजना निदेशक आत्मा और सभी प्रखंडों के कृषि पदाधिकारी उपस्थित थे.
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