पाकुड़ नगर. बाल विवाह रोकथाम और बाल अधिकारों की सुरक्षा को लेकर कार्यरत संगठन जन लोक कल्याण परिषद ने अक्षय तृतीया को देखते हुए धर्मगुरुओं के बीच विशेष जागरुकता अभियान चलाया. विभिन्न धर्मों के पुरोहितों, मौलवियों और पादरियों ने इस पहल का समर्थन करते हुए बाल विवाह न कराए जाने की शपथ ली. परिषद के सचिव सरोज कुमार झा ने बताया कि बाल विवाह कराना पीसीएमए 2006 के तहत अपराध है, जिसमें विवाह से जुड़ी सेवाएं देने वाले हर व्यक्ति को दंड मिल सकता है. अभियान के तहत कई मंदिरों और मस्जिदों के बाहर यहां बाल विवाह नहीं होता जैसे बोर्ड लगाए गए हैं. जन लोक कल्याण परिषद चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया अभियान के तहत जेआरसी नेटवर्क के साथ मिलकर 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत का लक्ष्य रखा है.
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