पाकुड़ : भाजयुमो कार्यकर्ताओं का स्वामी अग्निवेश पर हमला, लात-घूसों से की पिटाई, कपड़े फाड़े, पगड़ी फेंकी, चश्मा तोड़ा

Updated at : 18 Jul 2018 7:34 AM (IST)
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पाकुड़ : भाजयुमो कार्यकर्ताओं का स्वामी अग्निवेश पर हमला, लात-घूसों से की पिटाई, कपड़े फाड़े, पगड़ी फेंकी, चश्मा तोड़ा

रमेश भगत पहाड़िया महासभा के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे पाकुड़ : भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार काे पाकुड़ पहुंचे स्वामी अग्निवेश की पिटाई कर दी. स्वामी अग्निवेश के साथ न सिर्फ मारपीट की गयी, बल्कि उन्हें जूते-चप्पल, लात-घूसों से मारा गया. उनके ऊपर मिट्टी व पानी फेंका गया. उनके […]

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रमेश भगत
पहाड़िया महासभा के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे
पाकुड़ : भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार काे पाकुड़ पहुंचे स्वामी अग्निवेश की पिटाई कर दी. स्वामी अग्निवेश के साथ न सिर्फ मारपीट की गयी, बल्कि उन्हें जूते-चप्पल, लात-घूसों से मारा गया. उनके ऊपर मिट्टी व पानी फेंका गया. उनके कपड़े तक फाड़ दिये गये. उनकी पगड़ी फेंक दी गयी. इस घटना में उनके सहयोगी व बिहार के आर्य समाज के प्रमुख मनोहर मानव को भी चोटें आयी हैं. मनोहर मानव का सिर फट गया है.
दोनों लोगों को काफी मशक्कत के बाद होटल के अंदर ले जाया गया. होटल का दरवाजा अंदर से बंद कर देने के बाद आक्रोशित भाजयुमो कार्यकर्ता होटल के सामने सड़क पर बैठ कर स्वामी का विरोध जताते रहे. इससे सड़क के दोनों तरफ जाम लग गया. कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश वापस जाओ, स्वामी अग्निवेश होश में आओ, लिट्टीपाड़ा नहीं जाने देंगे, पहाड़िया समाज को नहीं बरगलाने देंगे… जैसे नारे लगाते रहे.
हालांकि बाद में मेडिकल टीम होटल पहुंची और स्वामी अग्निवेश का इलाज किया. उनके पैर और पीठ में ज्यादा चोट लगी हैै. उनके सहयोगी का भी इलाज किया गया.
मुख्यमंत्री ने दिया जांच का आदेश
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने स्वामी अग्निवेश पर हुए जानलेवा हमला मामले में गृह सचिव को जांच करने का निर्देश दिया है. इस घटना की जांच संताल परगना के आयुक्त व डीआइजी करेंगे.
आज िदल्ली लौटेंगे स्वामी:
स्वामी अग्निवेश मंगलवार की शाम को रांची प्रस्थान करेंगे. वे बुधवार को रांची से िदल्ली के लिए रवाना हो जायेंगे. राज्यपाल से मुलाकात नहीं हो पायेगी.
पुलिस को नहीं थी कोई लिखित सूचना : एसपी
एसपी शैलेंद्र प्रसाद वर्णवाल ने होटल में आकर स्वामी अग्निवेश से मुलाकात की. उन्होंने बताया कि स्वामी अग्निवेश के पाकुड़ आने व होटल में ठहरने की कोई लिखित सूचना पुलिस को नहीं दी गयी थी. उन पर अचानक हमला हुआ है. हमले की सूचना मिलते ही एसडीपीओ, थाना प्रभारी को तुरंत भेजा गया है. इस हमले में कौन लोग शामिल है, इसकी जांच की जा रही है.
लिट्टीपाड़ा में आयोजित था 195वां दामिन दिवस
पाकुड़ जिले के लिट्टपाड़ा प्रखंड मुख्यालय के विजय मरांडी स्टेडियम में अखिल भारतीय आदिम जनजाति विकास समिति की ओर से 195 वें दामिन दिवस पर विशाल सम्मेलन का आयोजन किया गया था. इस सम्मेलन में स्वामी अग्निवेश बतौर मुख्य अतिथि शामिल होनेवाले थे. इस सम्मेलन में पाकुड़, साहेबगंज, दुमका व गोड्डा जिला से करीब एक लाख आदिम जनजाति पहाड़िया समाज के लोग इकट्ठा हुए थे.
अग्निवेश मामले में पुलिस मुख्यालय ने तलब की रिपोर्ट
अग्निवेश मामले में पुलिस मुख्यालय ने दुमका रेंज के डीआइजी राजकुमार लकड़ा से रिपोर्ट तलब की है़ वहीं पाकुड़ एसपी को आरोपियों की पहचान कर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने को कहा है़ उधर, मामले में मुख्यमंत्री ने भी गृह सचिव व पुलिस मुख्यालय के पदाधिकारियों से मामले की जानकारी लेकर जांच का आदेश दिया है़
लात-घूसों से की पिटाई, कपड़े फाड़े, पगड़ी फेंकी, चश्मा तोड़ा
घटना के बाद स्वामी अग्निवेश ने कहा मेरे जीवन में ऐसा पहली बार हुआ
स्वामी अग्निवेश ने कहा कि पहाड़िया समाज केलोग कार्यक्रम में ले जाने के लिए आये थे. उन्हीं के साथ मैं होटल से बाहर निकल रहा था कि युवा मोर्चा के कार्यकर्ता हम पर टूट पड़े.
गंदी-गंदी गालियां देने लगे. लात-घूसों से मारने लगे, मुझे नीचे गिरा दिया. इससे चश्मा टूट गया. मोबाइल छीन लिया. उन्होंने मांग की कि जो लोग सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे हैं, उनके खिलाफ पुलिस प्रशासन कार्रवाई करे. मेरे ऊपर जानलेवा हमला करनेवालों पर प्रशासन कार्रवाई करे.
स्वामी ने बताया कि आयोजक ने पुलिस-प्रशासन को मेरे आने की जानकारी दे रखी थी और रसीद भी आयोजक के पास है. स्वामी अग्निवेश ने कहा : मैंने लगातार एसपी और डीएम को फोन किया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया. उस वक्त वहां कोई पुलिसवाला मौजूद नहीं था. उन्होंने कहा कि मैं प्रेसवार्ता के दौरान आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों की बात कर रहा था. मैं 1968 में संन्यास ले चुका हूं.
मै हिंसा के खिलाफ हूं. मैं तो पशु-पक्षी की भी हत्या के खिलाफ हूं. मारपीट में जो भी लोग, संगठन या तत्व शामिल हैं, वे कौन है? उनके नेता कौन है? सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करे. मेरे प्रति यदि किसी को गुस्सा था, नाराजगी थी, तो वे मुझे लिख कर भी दे सकते थे या बातचीत करने भी आ सकते थे.
मैंने अपनी तरफ से उन्हें बातचीत के लिए बुलावा भेजा था, लेकिन उनकी तरफ से कोई नहीं आया. इस मामलें में पहले सरकारी जांच हो, न्यायिक जांच हो. वहीं मनोहर मानव ने कहा : यह सरकार प्रायोजित हमला है. हमलोगों को सिर फटा है. बुरी तरह पीटा गया है. अगर स्वामी जी को हमलोग नहीं बचाते, तो आज उनका प्राणांत हो जाता.
भाजयुमो जिलाध्यक्ष प्रसन्न मिश्रा ने कहा पहाड़िया समाज को बरगलाने आये थे
पाकुड़ के भाजयुमो के जिलाध्यक्ष प्रसन्न मिश्रा का कहना है कि अग्निवेश, स्वामी का नाम रख व गेरुआ वस्त्र पहन कर विश्व में देश का अपमान करने का काम कर रहे हैं.
ये देश में गोमांस का बढ़ावा दे रहे हैं. दंतेवाड़ा में शहीद हो रहे हमारे जवान को गालियां देते हैं. ये ईसाई मिशनरीज का एजेंट बन कर पहाड़िया समाज के बीच में आये हैं. ये पहाड़िया का धर्म परिवर्तन कराने आये हैं. भाजयुमो देश भर में स्वामी अग्निवेश का विरोध करता है. इस क्रम में हमने इनका विरोध पाकुड़ में भी किया है.
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