बालू घाटों पर अवैध उठाव जारी

Updated at : 19 Jun 2017 4:58 AM (IST)
विज्ञापन
बालू घाटों पर अवैध उठाव जारी

गोरखधंधा. सरकार व प्रशासन के आदेश को ठेंगा दिखा रहे बालू माफिया जिले के विभिन्न बालू घाटों से बालू का अवैध उठाव जारी है और पुलिस इसे रोक पाने में विफल साबित हो रही है. बालू माफिया धड़ल्ले से बालू का उठाव का सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं. बताया जाता है कि […]

विज्ञापन

गोरखधंधा. सरकार व प्रशासन के आदेश को ठेंगा दिखा रहे बालू माफिया

जिले के विभिन्न बालू घाटों से बालू का अवैध उठाव जारी है और पुलिस इसे रोक पाने में विफल साबित हो रही है. बालू माफिया धड़ल्ले से बालू का उठाव का सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं. बताया जाता है कि इन माफियाओं के तार पश्चिम बंगाल से जुड़े हुये हैं. हालांकि इस कार्य में स्थानीय माफिया का भी साथ मिलने से यह धंधा फल-फूल रहा है.
पाकुड़ : अवैध तरीके से बालू का उठाव करने वाले माफियाओं को पुलिसिया कार्रवाई का कोई डर नहीं है. यही वजह है कि सरकार के सख्त निर्देश के बाद भी जिले के महेशपुर, अमड़ापाड़ा व पाकुड़िया प्रखंड के कई बालू घाटों से बालू का उठाव एवं उसका परिवहन बेरोकटोक हो रहा है. इन माफियाओं को सफेदपोशों का संरक्षण प्राप्त है. बालू के गोरखधंधे में जिले के अलावे निकटवर्ती पश्चिम बंगाल सहित झारखंड के दुमका, गोड्डा के भी माफिया जुड़े हुए हैं.
बालू के अवैध कारोबार से जुड़े माफियाओं की धौंस के आगे पुलिस भी बौना साबित हो रही है. यदि माफियाओं को पुलिसिया कार्रवाई का डर होता तो पिछले 15 दिन पूर्व बालू के उठाव पर लगायी गयी रोक के बावजूद नदियों से बालू का उठाव नहीं होता. बालू का अवैध कारोबार करने वाले माफिया अब दिन में अपने रसूख के बल पर नदी से बालू का उठाव कर रहे हैं और रात में उसका परिवहन. यहां उल्लेखनीय है कि जिले के महेशपुर प्रखंड के बांसलोई नदी के आधा दर्जन घाटों के अलावे पाकुड़िया प्रखंड के ब्राहमणी नदी, तिरपितिया नदी एवं बेनाकुड़ा नदी तथा अमड़ापाड़ा प्रखंड के बांसलोई नदी से बालू का उठाव वर्षों से हो रहा है. झारखंड सरकार ने इन बालू घाटों की बंदोबस्ती इसलिए की थी कि सरकार को राजस्व मिलेगा और संबंधित पंचायतों में प्राप्त राजस्व से विकास हो पायेंगे. परंतु बालू घाटों से बालू के उठाव से सबसे ज्यादा फायदा अब तक यदि किसी को हुआ है तो इस धंधे में शामिल माफियाओं व अफसरों की. पिछले 15 दिन पूर्व बालू घाटों से बालू के उठाव पर लगी रोक के बावजूद बालू का उठाव एवं उसका परिवहन किया जाना यही साबित कर रहा है कि माफियाओं को न तो शासन और न तो प्रशासन का कोई भय है. आज भी कई बालू घाटों से मजदूर नहीं बल्कि जेसीबी एवं पोकलेन मशीन के सहारे माफिया बालू का उठाव कर उसे बेच कर मुनाफा कमा रहे हैं और सरकार के राजस्व को चूना लग रहा है. इस गोरखधंधे पर रोक लगाने के लिए हाल के दिनों में पुलिस से सख्ती से कार्रवाई कर रही है. परंतु पश्चिम बंगाल से सटे इन नदियों का कुछ अंश रहने के कारण पश्चिम बंगाल के बालू माफिया भी चांदी काट रहे हैं. जिले की पुलिस एक तरफ कार्रवाई करती है तो दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की पुलिस बालू माफियाओं को संरक्षण देने का काम.
क्या कहते हैं एसपी
अवैध बालू के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार जिले की पुलिस कार्रवाई कर रही है. अब तक कई बालू से लदे वाहन जब्त किये गये और इसमें शामिल लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी.
शैलेंद्र प्रसाद वर्णवाल, एसपी
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola