किस्को़ प्रखंड के मुख्य चौक पर रविवार को शहीद शेख भिखारी एवं टिकैत उमराव सिंह का शहादत दिवस समारोह पूर्वक आयोजित किया गया. शहीद समिति सह झामुमो प्रखंड अध्यक्ष शाकिर हुसैन अंसारी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ वीर शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण और भावभीनी श्रद्धांजलि के साथ हुआ. इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रूप से माला पहनाकर और गमछा ओढ़ाकर किया गया. वीर योद्धाओं की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाने देंगे : शाकिर हुसैन अंसारी ने कहा कि इन दोनों वीर योद्धाओं की कुर्बानी को कभी व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा. उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार की सराहना करते हुए मांग की कि शहीदों के सम्मान में उनके नाम पर स्कूल, कॉलेज और अस्पताल खोले जाएं. शहीद समिति के संरक्षक हाजी शमसुद्दीन अंसारी ने इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन वीरों ने अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए थे. इसी के परिणामस्वरूप 8 जनवरी 1858 को चुट्टूपालू घाटी में एक बरगद के पेड़ से लटकाकर उन्हें फांसी दे दी गयी थी. मानवता की सेवा ही सच्ची श्रद्धांजलि : शहादत दिवस के अवसर पर शहीदों की याद में सामाजिक कार्य किए गए. इस दौरान किस्को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मरीजों और गरीब जरूरतमंदों के बीच ठंड से बचाव हेतु कंबलों का वितरण किया गया. मौके पर उपमुखिया सुधीर लाल और जगदीश महतो ने भी शहीदों के योगदान पर विचार रखे. कार्यक्रम में खिदमते खल्क हाजी कमेटी के सदर मो आलम, सेक्रेटरी हाजी यूसुफ, हाजी कयामुद्दीन, नबीउल हसन और कलीम अंसारी समेत कई लोग उपस्थित थे.
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