संदीप साहू, किस्को
किस्को प्रखण्ड क्षेत्र के पाखर पंचायत अंतर्गत डहरबाटी गांव के ग्रामीण आजादी के 77 साल बीत जाने के बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम में अपनी समस्या बताते हुए ग्रामीणों ने बताया डहर बाटी गांव में करीब 35 घरों के 200 लोग निवास करते हैं, जो आज भी चुएं व नदी का गंदा पानी पीने को विवश हैं. स्थानीय निवासी श्याम किशोर नगेसिया, पंकज नगेसिया व अन्य लोगों ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को जल जीवन मिशन योजना का शुभारंभ किया था. इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रत्येक घरों में नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था. लेकिन पाखर डहरबाटी गांव के लोगों के घरों में नल से तो जल नहीं पहुंचा.लेकिन गांव में भी पीने के लिए शुद्ध पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है. जिसके कारण लोग काफी दूरी तय कर नदी में चुआं बनाकर पानी ले जाते है और अपनी प्यास बुझानी पड़ती है. जिसमें भी बरसात के दिनों में बारिश का पानी के कारण साफ पानी उपलब्ध नहीं हो पाता है. जिससे लोग गंदे पानी के सेवन के कारण कई तरह की बीमारी के चपेट में आ जाते हैं.यहाँ डहरबाटी गांव के बहरा कोना,अखड़ा टोला एवं आंगनबाड़ी टोला में ग्रामीण द्वारा जल मीनार लगाने की मांग की जा रही है.केवल डहरबाटी के तेतर टोला में जल मीनार लगी है.लोग सुबह उठते ही पानी की तलाश में जुट जाते हैं. लोगों का कहना है कि दिन की शुरुआत पानी से होती है.पानी के बिना कोई कार्य नही होता,ऐसे में लोगो को काफी परेशानी उठानी पड़ती है. राजनीतिक दलों के नेताओं का भी ध्यान इस ओर नहीं है. जनता को किसी तारणहार का इंतजार है.
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