किस्को प्रखंड में दुर्गा पूजा की परंपरा 65 वर्षों से जारी

किस्को प्रखंड में दुर्गा पूजा की परंपरा 65 वर्षों से जारी
किस्को़ किस्को प्रखंड क्षेत्र में दुर्गा पूजा का इतिहास कई दशकों पुराना है. आरेया गांव में पिछले 65 वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन होता आ रहा है. यहां ग्रामीणों के सहयोग से भक्ति जागरण और कीर्तन का आयोजन परंपरा बन चुका है. नवाडीह गांव में वर्ष 1967 से दुर्गा पूजा मनायी जा रही है. इसकी शुरुआत स्वर्गीय प्रभु साहू ने की थी. 1967 से 1995 तक पूजा का संचालन उन्होंने किया, बाद में ग्रामीणों के सहयोग से यह परंपरा आगे बढ़ायी गयी. नवाडीह में अष्टमी और नवमी पर नाटक मंचन का आयोजन विशेष आकर्षण रहा है. इसे देखने के लिए आसपास के पहाड़ी इलाकों से बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं. वर्ष 2003 से 2011 तक यहां आर्केस्ट्रा का आयोजन होता रहा, जबकि 2011 के बाद से भक्ति जागरण की परंपरा शुरू हुई. किस्को में 1978 से स्वर्गीय लाल नवल नाथ शाहदेव ने दुर्गा पूजा की शुरुआत की थी. उनकी मृत्यु के बाद लाल अनिल नाथ शाहदेव पूजा कराते रहे. 2017 तक स्व लाल मुकुल नाथ शाहदेव ने इसकी जिम्मेदारी संभाली. वर्तमान में लाल प्रमोद नाथ शाहदेव और परिवारजन इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. ग्रामीणों ने पकड़ा अजगर, वन विभाग ने जंगल में छोड़ा
किस्को. देवदरिया पंचायत के देवदरिया गांव में ग्रामीणों ने सोमवार को एक अजगर सांप पकड़ा. इसकी जानकारी मिलने पर पंचायत के मुखिया मौके पर पहुंचे और सांप को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़वाया. इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गयी. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम पहुंची और मुखिया की मदद से अजगर को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया.
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