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अबुआ सरकार से लोहरदगा वासियों को बहुत उम्मीदें

Updated at : 28 Nov 2024 8:11 PM (IST)
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अबुआ सरकार से लोहरदगा वासियों को बहुत उम्मीदें

ज्य में एक बार फिर से अबुआ सरकार बन गयी है. इस बार सरकार पूरी मजबूती से बनी है और इसमें लोहरदगा वासियों की भी भूमिका महत्वपूर्ण है.

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फोटो. भ्रष्टाचार का अद्भुत नमूना बगैर टंकी का जलमिनार

शिक्षा ,स्वास्थ्य एवं पेयजल की समस्याएं होंगी दूर

गोपी कुंवर

लोहरदगा.राज्य में एक बार फिर से अबुआ सरकार बन गयी है. इस बार सरकार पूरी मजबूती से बनी है और इसमें लोहरदगा वासियों की भी भूमिका महत्वपूर्ण है. यहां के लोगों ने इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार डॉ रामेश्वर उरांव को दिल खोलकर वोट दिया. जनता को उम्मीद है कि इस सरकार के द्वारा यहां विकास की जायेगी. लोहरदगा जिला 17 मई 1983 को बना, लेकिन यहां अभी भी समस्याओं का अंबार लगा है. लोहरदगा मे अभी तक एक सुव्यवस्थित बस स्टैंड नहीं है. नगर परिषद के द्वारा बडे तामझाम के साथ बस स्टैंड का निर्माण शुरू कराया. जब निर्माण कार्य आधा हो गया, तो रेलवे ने यह कहते हुए काम बंद करवा दिया कि ये जमीन रेलवे का है. करोड़ों रुपये खर्च हो गये और निर्माण कार्य अधूरा रह गया. आज भी अधूरा बस स्टैंड लोगों को मुंह चिढा रहा है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लोहरदगा बाइपास सडक़ का शिलान्यास किया. पैसा भी आ गया है. टेंडर भी हो गया है लेकिन ठेकेदार ने काम नहीं शुरू किया. बाइपास सड़क का निर्माण दिसंबर 2024 में पूरा करना था लेकिन यहां काम ही शुरू नहीं किया गया है. लगातार दुघटनाएं हो रही हैं. लोग असमय काल के गाल मे समा रहे हैं. किस्को, पेशरार एवं भंडरा मे बदहाल स्थिति है. स्ट्रक्चर तो खड़ा है, लेकिन टंकी गायब है. कहीं कहीं बगैर बोरिंग के ही स्ट्रकचर खडा कर दिया गया है. कम गहराई तक बोरिंग की गई है. पांच साल तक मेन्टेनेंस की जिम्मेदारी है लेकिन अभी ही अधिकांश योजनाएं बंद है. चूंकि अधिकारी उपकृत बताये जाते हैं, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. चापाकल लगाने में भी भारी गडबड़ी हुई है. गहराई नापने से सारा पोल खुल जायेगा. लोगों को उम्मीद है कि अबुआ सरकार इसकी जांच करायेगी. लोहरदगा शहर की सड़कों की स्थिति बदहाल है. सडक़ निर्माण के साल भर बाद ही सडकें जर्जर हो गयी है. जनता को उम्मीद है कि इसका भी कायाकल्प होगा. अबुआ सरकार पलायन पर अंकुश लगाने के लिए उधोग की स्थापना करेगी. स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति सुधारने की जरूरत है. लोहरदगा सदर अस्पताल रेफर अस्पताल बन कर रह गया है. जिले में शिक्षा व्यवस्था बदहाल है. बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है और जो सक्षम हैं वे ही बाहर जाते हैं बाकी लोगों को पढ़ाई बीच में ही छोड़ना पड़ती है. सिंचाई सुविधाओं का यहां अभाव है, कोल्डस्टोरेज नहीं है.

लोहरदगा का विकास ही लक्ष्य है : डॉ रामेश्वर

लोहरदगा के विधायक डॉ रामेश्वर उरांव ने प्रभात खबर के साथ विशेष बातचीत में कहा कि मैंने अपने पिछले कार्यकाल विकास के अनेक कार्य किये. जो काम अधूरे रह गये हैं, उन्हें अब पूरा किया जायेगा. अधूरी योजनाओं को टाइम फ्रेम में पूरा कराया जायेगा. बाइपास सड़क के लिए भू अर्जन की प्रक्रिया में तेजी लाने का र्निदेश दिया गया है. नया अस्पताल बनवाया जा रहा है. गड़बड़ी करनेवाले बख्शे नहीं जायेंगे. लोहरदगा का विकास ही मेरा एकमात्र लक्ष्य है और इसके लिए मैं समर्पित हूं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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