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साहित्य व फिल्मों से दूर होता है अंधविश्वास, किताबों में बसता है समाज का आईना : डॉ रामेश्वर उरांव

Updated at : 06 Mar 2026 8:54 PM (IST)
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साहित्य व फिल्मों से दूर होता है अंधविश्वास, किताबों में बसता है समाज का आईना : डॉ रामेश्वर उरांव

साहित्य व फिल्मों से दूर होता है अंधविश्वास, किताबों में बसता है समाज का आईना : डॉ रामेश्वर उरांव

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लोहरदगा़ जिला प्रशासन के तत्वावधान में समाहरणालय मैदान में दो दिवसीय साहित्य एवं फिल्म महोत्सव अखड़ा आलाप का शुक्रवार को भव्य शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम का उद्घाटन स्थानीय विधायक सह पूर्व मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव और उपायुक्त डॉ ताराचंद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस मौके पर साहित्यकारों, फिल्मकारों और प्रबुद्ध जनों का जमावड़ा लगा रहा. पढ़ाई की उम्र में शादी करना अपराध : विधायक : उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विधायक डॉ रामेश्वर उरांव ने शिक्षा की महत्ता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों की पढ़ाई के प्रति सजग रहने की जरूरत है. पढ़ाई से ही समाज का अंधविश्वास दूर होता है और हमें अपने सवालों के जवाब मिलते हैं. बाल विवाह पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि 12-14 वर्ष की उम्र में शादी की खबरें मिलना दुखद है. यह उम्र पढ़ाई की है, शादी कर भविष्य बर्बाद करने की नहीं. अवयस्क अवस्था में विवाह करना एक सामाजिक अपराध है. उन्होंने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में इसे और बड़े मंच पर ले जाया जायेगा. संघर्ष की गाथा कहती हैं किताबें और फिल्में : उपायुक्त : उपायुक्त डॉ ताराचंद ने कहा कि किताबें समाज का दर्पण होती हैं. किसी भी कालखंड की घटनाओं का जीवंत विवरण हमें किताबों में मिलता है. इसी तरह फिल्में भी हमें जीवन के विविध पहलुओं को सीखने का मौका देती हैं. एक लेखक और फिल्ममेकर को अपनी कृति तैयार करने में कितने संघर्षों से गुजरना पड़ता है, इस महोत्सव के माध्यम से युवाओं को उसे समझने और सीखने का अवसर मिलेगा. पैनल डिस्कशन : मुंडारी कहानी और संगीत पर मंथन : महोत्सव के प्रथम सत्र में स्मृति के स्वर: मुंडारी कहानी और संगीत विषय पर पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया. इसमें लोक साहित्य विशेषज्ञ गुंजल इकिर मुंडा ने विस्तार से अपने विचार रखे. फिल्ममेकर निरंजन कुजूर के तीखे और सारगर्भित सवालों का गुंजल इकिर मुंडा ने बखूबी जवाब दिया. इसके पश्चात दर्शकों को संथाली भाषी चर्चित फिल्म ””””पपाया”””” दिखायी गयी, जिसे लोगों ने काफी सराहा. ये रहे उपस्थित : कार्यक्रम में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, प्रतिष्ठित लेखक रणेन्द्र, प्रख्यात पेंटर सीआर हेम्ब्रम, कवि व लेखक महादेव टोप्पो, वरिष्ठ फिल्मकार मेघनाथ, बीजू टोप्पो सहित जिला स्तरीय पदाधिकारी, साहित्य प्रेमी और काफी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे.

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SHAILESH AMBASHTHA

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By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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