ePaper

संघर्ष ही सफलता का मार्ग, पुरखों के ज्ञान से सीखें युवा : सुखदेव भगत

Updated at : 07 Mar 2026 9:14 PM (IST)
विज्ञापन
संघर्ष ही सफलता का मार्ग, पुरखों के ज्ञान से सीखें युवा : सुखदेव भगत

संघर्ष ही सफलता का मार्ग, पुरखों के ज्ञान से सीखें युवा : सुखदेव भगत

विज्ञापन

लोहरदगा़ जिला प्रशासन के सौजन्य से आयोजित साहित्य एवं फिल्म महोत्सव अखड़ा आलाप के दूसरे दिन वैचारिक विमर्श और सांस्कृतिक चेतना का संगम देखने को मिला. मुख्य अतिथि सांसद सुखदेव भगत ने दीप प्रज्वलित कर सत्र का शुभारंभ किया. अपने संबोधन में सांसद ने कहा कि समस्याओं का सामना करना ही उसका समाधान है. उन्होंने युवाओं को संघर्ष से नहीं भागने, पुरखों के ज्ञान से सीखने और आगे बढ़ने की ललक बनाये रखने की प्रेरणा दी. साहित्य पढ़ने से हमारी चेतना जागृत होती है : सांसद ने महोत्सव में उपलब्ध विभिन्न रचनाकारों की पुस्तकों का जिक्र करते हुए कहा कि साहित्य पढ़ने से हमारी चेतना जागृत होती है. उन्होंने जिला प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि पिछले वर्ष के पुस्तक मेले को इस बार विस्तृत रूप देकर साहित्य एवं फिल्म महोत्सव बनाना सराहनीय कदम है. इस अवसर पर साहित्यकार महादेव टोप्पो ने वार्षिक पत्रिका धुमकुड़िया की प्रति अतिथियों को भेंट की. कार्यक्रम में उपायुक्त डॉ ताराचंद सहित कई वरीय पदाधिकारी और काफी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे. पुरखों की परंपरा और धुमकुड़िया से जुड़ें : डॉ. पार्वती : पैनल डिस्कशन में साहित्यकार डॉ पार्वती तिर्की ने कहा कि आज की पीढ़ी को अपने पुरखों से सीखने की जरूरत है. उन्होंने धुमकुड़िया और अखड़ा जैसी सामूहिक परंपराओं को पुनर्जीवित करने पर जोर दिया. डॉ पार्वती ने कहा कि आदिवासियों की जीवन पद्धति पूरी तरह प्रकृति पर आधारित है, जिसे अपनाना समय की मांग है. प्रकृति को नुकसान पहुंचाकर न हो विकास : महादेव टोप्पो : वरिष्ठ साहित्यकार महादेव टोप्पो ने संतुलित विकास का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि विकास ऐसा हो जो प्रकृति को क्षति न पहुंचाये. आदिवासियों के पास प्रकृति को समझने का जो पारंपरिक ज्ञान है, उसे पठन-पाठन का हिस्सा बनाना चाहिए. लोक गीतों के प्रकाशन से सभ्य समाज और आदिवासियों के बीच की दूरी कम होगी. युवाओं के लिए कला-संस्कृति में बड़ी संभावनाएं : डीडीसी : उप विकास आयुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कहा कि लोहरदगा के युवाओं में अद्भुत प्रतिभा है. कला और संस्कृति के क्षेत्र में वे बहुत अच्छा कर सकते हैं. इस तरह के महोत्सव युवाओं को सीखने और अपनी पहचान बनाने का मंच प्रदान करते हैं. कार्यक्रम में गायक जयंत मिश्रा, डॉ पार्वती तिर्की व अन्य अतिथियों को सम्मानित किया गया.

विज्ञापन
SHAILESH AMBASHTHA

लेखक के बारे में

By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola