लोहरदगा़ जिले के आदिवासी सांस्कृतिक कला भवन, कुटुमू कचहरी मोड़ में रविवार को जिला राजी पड़हा व्यवस्था के तत्वावधान में पेसा कानून पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की मुख्य अतिथि इनकम टैक्स डायरेक्टर निशा उरांव ने पेसा कानून की बारीकियों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि यह कानून आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए बना है, लेकिन इसमें कई व्यावहारिक कमियां हैं, जिन्हें सरकार को गंभीरता से सुधारना होगा. उन्होंने ग्राम सभा को और अधिक सशक्त बनाने तथा आदिवासी स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया. जागरूकता से ही मिलेगा कानून का वास्तविक लाभ : विशिष्ट अतिथि और जनजाति हित रक्षा मंच के संयोजक संदीप उरांव ने पेसा कानून के नियमों को सरल ढंग से समझाते हुए कहा कि जागरूकता के जरिये ही इसे हितों का सशक्त माध्यम बनाया जा सकता है. अरविंद उरांव ने प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा कि अधिकारों के प्रति जागने पर ही पेसा का वास्तविक लाभ मिलेगा. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए लक्ष्मी नारायण भगत ने पड़हा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सामाजिक एकजुटता पर जोर दिया. ये थे उपस्थित : इससे पूर्व स्वागत भाषण मीडिया प्रभारी जगदीप भगत ने दिया और संचालन सुखदेव उरांव ने किया. कार्यशाला में सरना प्रार्थना सभा के अध्यक्ष सोमदेव उरांव, पारंपरिक पड़हा व्यवस्था के अध्यक्ष विजय उरांव, बुद्धेश्वर उरांव, वीरेंद्र उरांव, बजरंग उरांव, डुमना उरांव, मंजन उरांव, संजय कुमार भगत, रामप्रसाद उरांव, पवन तिग्गा, जतरू उरांव, सोमे उरांव, गोसाई भगत, सुरेंद्र उरांव समेत जिलेभर के बेल, दीवान, कोटवार, पाहन, पुजारी, महतो और बुद्धिजीवी समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे.
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