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लोहरदगा में पड़ रही है कड़ाके की ठंड, पारा लुढ़कने से जनजीवन प्रभावित

Updated at : 11 Dec 2025 9:53 PM (IST)
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लोहरदगा में पड़ रही है कड़ाके की ठंड, पारा लुढ़कने से जनजीवन प्रभावित

लोहरदगा में पड़ रही है कड़ाके की ठंड, पारा लुढ़कने से जनजीवन प्रभावित

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लोहरदगा़ जिले में लगातार गिरते पारे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कड़ाके की ठंड और सुबह-शाम चल रही शीतलहरी के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. पारा सामान्य से कई डिग्री नीचे आने के बाद लोग ठिठुरने को मजबूर हैं. सुबह बाजारों में सन्नाटा देखा जा रहा है, वहीं सड़कों पर यातायात सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम है. लोग सुबह-शाम अलाव जलाकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं. नगर परिषद ने मुख्य चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की है, लेकिन कई मोहल्लों में लोग निजी स्तर पर लकड़ी जुटाकर आग ताप रहे हैं. कड़ाके की ठंड के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा अब तक कंबल का वितरण नहीं किया गया है, जिससे लोगों में नाराजगी है. ठंड के कारण निजी विद्यालयों ने अपने समय में परिवर्तन किया है. तेज सर्दी की वजह से सर्दी-खांसी, बुखार और श्वसन संबंधी रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. सदर अस्पताल और निजी क्लीनिकों में मरीजों की भीड़ बढ़ गयी है. डॉक्टरों ने लोगों को आवश्यक कार्य के अलावा घर से बाहर न निकलने और गरम कपड़े पहनने की सलाह दी है. कई गांवों में पाला, सब्जियों पर असर : ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय खेतों में पाला जमने की सूचना मिली है, जिससे सब्जियों की फसलों पर हल्का असर देखा गया है. बाजारों में अदरक, लहसुन, हरी सब्जियों और गरम कपड़ों की बिक्री बढ़ी है. तिल और तिलकुट की मांग में भी तेजी आयी है. अलाव और कंबल वितरण की उठी मांग : स्थानीय लोगों ने कहा कि ठंड से राहत दिलाने के लिए जिला प्रशासन को शीघ्र कंबल वितरण शुरू करना चाहिए. मुक्तिधाम समिति के मनोज कुमार गुप्ता मन्ना ने कहा कि कड़ाके की ठंड से लोग परेशान हैं, ऐसे में कंबल बांटने और अलाव की व्यवस्था की जरूरत है. लोहरदगा चैंबर ऑफ कॉमर्स के संजय बर्मन ने भी प्रशासन से कंबल वितरण और नगर परिषद से सभी जगह अलाव जलाने की मांग की. सामाजिक विचार मंच के संयोजक कंवलजीत सिंह ने कहा कि कई इलाकों में अब तक अलाव नहीं जला है. कुरसे गांव के अरसद ने बताया कि सुबह खेतों में पाला जम रहा है और सब्जियां प्रभावित हो रही हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक राहत कार्य शुरू नहीं किया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SHAILESH AMBASHTHA

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By SHAILESH AMBASHTHA

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