कुड़ू़ सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, कुड़ू के सभागार में सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती ””””राष्ट्रीय युवा दिवस”””” के रूप में धूमधाम से मनायी गयी. कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधन समिति की सचिव अनुराधा कुमारी एवं प्रधानाचार्य रूपेश कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर व स्वामी जी के चित्र पर पुष्पार्चन के साथ किया. मौके पर विद्यालय की सचिव अनुराधा कुमारी ने स्वामी जी के बचपन की प्रेरक घटनाओं का जिक्र करते हुए भैया-बहनों को प्रोत्साहित किया. उन्होंने बताया कि 1893 के शिकागो विश्व धर्म सम्मेलन में महज दो मिनट के समय में स्वामी जी ने अपने संबोधन से पूरी दुनिया को प्रभावित किया और भारतीय सनातन धर्म का परचम लहराया. उन्होंने बताया कि मात्र 25 वर्ष की आयु में सन्यास की दीक्षा लेकर नरेंद्र नाथ ””””विवेकानंद”””” बने. प्रधानाचार्य रूपेश कुमार सिंह और आचार्य संजू कुमारी ने कहा कि भारत की विशाल युवा शक्ति ही देश को विकासशील से विकसित राष्ट्र की ओर ले जायेगी. उन्होंने स्वामी जी के मंत्र ””””उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाये”””” को जीवन में उतारने की सीख दी. वहीं, विद्यालय के छात्र दिव्यांशु कुमार, वीर प्रकाश और छात्रा अश्विका उरांव ने स्वामी विवेकानंद की जीवनी पर प्रकाश डाला. इस मौके पर आयोजित विभिन्न शैक्षणिक व सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भैया-बहनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. कार्यक्रम में धनोज महतो, पिंकी देवी, सत्येंद्र यादव, संजू कुमारी, श्यामली भारती, मानसी कुमारी, पार्वती देवी, नितेश उरांव, प्रतिमा कुमारी समेत विद्यालय के सभी आचार्य-आचार्या व विद्यार्थी उपस्थित थे.
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