करगिल विजय दिवस पर याद किये गये शहीद विश्राम टाना भगत

देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूत को भावभीनी श्रद्धांजलि
देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूत को भावभीनी श्रद्धांजलि
रामप्रसाद पाल, कैरोएड़ादोन गांव के वीर सपूत और कारगिल युद्ध के शहीद हवलदार विश्राम टाना भगत को शनिवार को कारगिल विजय दिवस पर श्रद्धांजलि दी जायेगी. कैरो प्रखंड के एड़ादोन स्थित शहीद स्मारक पर उनके परिजन, पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय लोग उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन करेंगे. भारत और पाकिस्तान के बीच 2001 में हुए कारगिल युद्ध में हवलदार विश्राम टाना भगत ने दुश्मनों से लड़ते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिये थे. वे बिहार रेजीमेंट के एचक्यू यूनिट में तैनात थे और कैरो थाना क्षेत्र के एड़ादोन गांव निवासी थे.
बचपन से ही थी देश सेवा की भावना
विश्राम टाना भगत का जन्म पांच जनवरी 1970 को एक गरीब किसान परिवार में हुआ था. उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा कैरो राजकीय मध्य विद्यालय और फिर डॉ. अनुग्रह नारायण उच्च विद्यालय से पूरी की. बचपन से ही उनके मन में देश सेवा का जज़्बा था.गांव आते थे, तो बताते थे सरहद की बातें
गांव में जब भी आते, तो वे हमेशा सीमा पर हो रही घटनाओं की चर्चा करते थे. उनकी साहसिकता और देशभक्ति की कहानियां आज भी लोगों की जुबान पर हैं.वे इलाके के हजारों युवाओं के आदर्श बन चुके हैं.परिवार को आज भी है बेटे पर गर्व
शहीद की पत्नी तारामणि टाना भगत एसडीओ कार्यालय में कार्यरत थीं, जिनका निधन 2024 में हो गया. उनकी बेटी खुशबू टाना भगत रांची में रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं. मां सोमो भगत आज भी गर्व से कहती हैं, मुझे अपने बेटे पर गर्व है.भाई की नम आंखों से दी जाती है श्रद्धांजलि
बड़े भाई विश्वनाथ टाना भगत हर साल करगिल विजय दिवस पर भाई के समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित करते हैं. वे कहते हैं, देश के हर जवान को सलाम, जो भारत माता के लिए अपना जीवन न्योछावर कर देते हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




