लोहरदगा जिला बनने के 37 वर्षों के बाद भी नहीं बना बस स्टैंड, रेलवे की जमीन है अस्थायी बस स्टैंड बना जहां पर नहीं है कोई सुविधा

लोहरदगा जिला बनने के 37 वर्षों के बाद भी नहीं बना बस स्टैंड
लोहरदगा : लोहरदगा जिला की स्थापना 17 मई 1983 को हुई थी. जिला स्थापना के समय लोगों को उम्मीद थी कि लोहरदगा का सर्वांगीण विकास होगा, लेकिन यहां विकास की गति काफी धीमी रही. आलम यह है कि लोहरदगा में अब तक एक बस स्टैंड नहीं बन सका है. रेलवे की जमीन पर एक अस्थायी बस स्टैंड बना दिया गया है.
जहां न कोई सुविधा है और न कोई व्यवस्था, लेकिन नगर परिषद प्रति वर्ष इसे ठेका पर देकर लगभग 36 लाख रुपये वसूलती है. अधिकांश बसें सड़क के किनारे खड़ी होती है. कुछ वर्षों पूर्व जब पावन एक्का नगर परिषद के चेयरमैन थे, तो नगर विकास विभाग ने लोहरदगा में बस स्टैंड के लिए 59 लाख रुपये भेजे थे. लेकिन बस पड़ाव नहीं बन सका. लोहरदगा में एक सुव्यवस्थित बस स्टैंड नहीं होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
लोहरदगा से प्रतिदिन लगभग डेढ़ सौ वाहन गुजरते हैं. इनमें कई अंतर्राज्यीय बसें भी हैं. बस स्टैंड में न तो शौचालय की व्यवस्था है और न ही पानी की व्यवस्था. इसके कारण अंतरराज्यीय बसों से लोहरदगा बस स्टैंड उतरने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. बस स्टैंड में यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है.
नगर परिषद अध्यक्ष अनुपमा भगत ने बताया कि लोहरदगा में एक बस स्टैंड की आवश्यकता है. इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है. यथा शीघ्र बस स्टैंड का निर्माण किया जायेगा.
Posted By : Sameer Oraon
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By Prabhat Khabar News Desk
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