महिलाएं जब जागरूक होंगी तभी समाज का विकास संभव है

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महिलाएं जब जागरूक होंगी तभी समाज का विकास संभव है

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लोहरदगा़ झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देशानुसार और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार राजकमल मिश्रा के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार लोहरदगा द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से सदर प्रखंड परिसर स्थित नये टाउन हॉल में मेगा विधिक सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय प्रेमलता त्रिपाठी, उपायुक्त डॉ ताराचंद, पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी, एसडीओ अमित कुमार और अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हेमंत कुमार सिन्हा ने दीप प्रज्वलित कर किया. अतिथियों को पौधा देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का संचालन डालसा सचिव राजेश कुमार ने किया. प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि महिलाओं को विधिक सशक्तिकरण की जानकारी होना बेहद जरूरी है. महिलाएं जब जागरूक होंगी और अपने अधिकारों को समझेंगी, तभी समाज का विकास संभव होगा. उन्होंने कहा कि न्यायालय में कई महिलाएं सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं के कारण पहुंचती हैं. ऐसे मामलों में विधिक जागरूकता शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. वृद्धजनों के साथ प्रताड़ना के मामलों पर उन्होंने कहा कि जिन्हें भरण-पोषण नहीं मिलता, वे न्यायालय आकर सहायता प्राप्त कर सकते हैं. हिट एंड रन मामलों की जानकारी दी : एसडीओ अमित कुमार ने हिट एंड रन मामलों में मुआवजा प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि दुर्घटना होने पर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ सात से 10 दिनों के भीतर आवेदन एसडीओ कार्यालय में जमा करना चाहिए. मुआवजे की राशि सीधे आश्रित के खाते में भेजी जाती है. पारिवारिक और पति-पत्नी के बीच हुए छोटे-मोटे मामले पर एफआइआर नहीं करें : पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने कहा कि पारिवारिक और पति-पत्नी के बीच हुए छोटे-मोटे मामले पर एफआइआर नहीं करें. मामले को लेकर महिला थाना में आवेदन दें. महिला थाना दोनों परिवार और समाज के लोगों को बुलाकर मध्यस्थता का काम करती है. मध्यस्थता की महत्ता बतायी : अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने मध्यस्थता की महत्ता बतायी और कहा कि इस प्रक्रिया में न कोई हारता है, न जीतता है, बल्कि दोनों पक्ष समाधान पाते हैं. पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की कि पति-पत्नी या पारिवारिक विवादों में सीधे एफआइआर न कर, पहले महिला थाना में आवेदन दें जहां मध्यस्थता की प्रक्रिया होती है. मूल अधिकारों की जानकारी होना हर नागरिक के लिए आवश्यक : उपायुक्त डॉ ताराचंद ने कहा कि मूल अधिकारों की जानकारी होना हर नागरिक के लिए आवश्यक है. जानकारी होने पर लोग अपनी जिम्मेदारियों और अधिकारों का बेहतर निर्वह्न कर सकते हैं. शिविर में जेएसएलपीएस द्वारा 874 महिला समूहों को 30 करोड़ 59 लाख रुपये तथा ग्राम संगठन को 46 लाख 65 हजार रुपये का वितरण किया गया. साथ ही कई योजनाओं के तहत लाभुकों के बीच कंबल, बीज, आवास स्वीकृति पत्र, धोती-साड़ी, बैसाखी और किशोरी समृद्धि योजना के लाभ साझा किये गये.

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Shailesh Ambashtha

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