लोहरदगा के कुडू का हाल, बस स्टैंड की सौंदर्यीकरण की बात तो दूर, यात्रियों को मूलभूत सुविधा ही नसीब नहीं

Updated at : 09 Oct 2021 2:10 PM (IST)
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लोहरदगा के कुडू का हाल, बस स्टैंड की सौंदर्यीकरण की बात तो दूर, यात्रियों को मूलभूत सुविधा ही नसीब नहीं

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जिला परिषद लोहरदगा द्वारा संचालित कुड़ू बस स्टैंड से राज्य सरकार को सालाना 24 लाख रुपये राजस्व मिलता है. इसके बावजूद बस स्टैंड की स्थिति बदहाल है.

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जिला परिषद लोहरदगा द्वारा संचालित कुड़ू बस स्टैंड से राज्य सरकार को सालाना 24 लाख रुपये राजस्व मिलता है. इसके बावजूद बस स्टैंड की स्थिति बदहाल है. बस स्टैंड की सौंदर्यीकरण की बात तो दूर, यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं. बस स्टैंड से बरसात के पानी निकासी का कोई साधन नहीं है. नतीजा बारिश होने के बाद पानी बस स्टैंड में जमा रहता है.

वहीं दूसरी तरफ सफाई के अभाव में वीर सपूतों की प्रतिमाओं के समक्ष गंदगी पसरी हुई है. सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि जनप्रतिनिधि भी पूरे मामले पर तमाशबीन बने हुए हैं. ज्ञात हो कि कुड़ू में बस स्टैंड का निर्माण साल 1989 में किया गया है. बस स्टैंड में दो-दो महापुरुषों की प्रतिमा व तस्वीर लगी हुई है. अमर शहीद बीर बुधु भगत, जिनकी श्रद्धांजलि समारोह में राज्य के निःवर्तमान मुख्यमंत्री से लेकर आधे दर्जन मंत्री, चार विधायक से लेकर कई सांसद पहुंच चुके हैं. वहीं दूसरी तस्वीर संविधान निर्माता बाबा साहेब डाॅ भीम राव आंबेडकर की लगी हुई है.

दोनों महापुरुषों की प्रतिमाओं के सामने गंदगी का अंबार लगा है. साफ-सफाई का कोई इंतजाम नहीं है. नतीजा चारों तरफ गंदगी बिखरी हुई है. बस स्टैंड में पेयजल का कोई इंतजाम नहीं है. एक चापानल, जो नाकाफी साबित हो रहा है. बस स्टैंड में विद्युत आपूर्ति की कोई व्यवस्था नहीं है. नतीजा शाम होते बस स्टैंड अंधेरे में डूब जाता है. सबसे बड़ी बात यह है कि बस स्टैंड में सुबह पहली यात्री वाहन सुबह पांच बजे व देर शाम आठ बजे अंधेरा के कारण यात्रियों को परेशानी होती है. कुल मिला कर बस स्टैंड जिला परिषद लोहरदगा के लिए दुधारु गाय बन कर रह गया है.

पूरे मामले पर न तो स्थानीय जनप्रतिनिधि और न ही प्रशासनिक अधिकारी कोई पहल कर रहे हैं. बस स्टैंड से बारिश के पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है, नतीजा बारिश का पानी कई दुकानों में प्रवेश कर जाता है. पानी यात्री शेड के समीप भी जमा रहता है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है. बस स्टैंड निर्माण काल के समय बनी दुकान, जहां से सरकार को राजस्व की प्राप्ति होती है. सभी दुकान काफी जर्जर हो गये हैं. पंचायत समिति के मद से तीन स्थानों पर स्ट्रीट लाइट लगायी गयी है, जो नाकाफी साबित हो रही है. इस संबंध में जिला परिषद का कोई भी अधिकारी व जनप्रतिनिधि कुछ बताने को तैयार नहीं है. बीडीओ मनोरंजन कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है. जिला परिषद को पूरे मामले से अवगत कराते हुए बस स्टैंड की सफाई से लेकर अन्य सुविधाओं के बहाली की मांग करेंगे. इस मामले को स्थानीय सदस्यों को संज्ञान में लाना चाहिए था.

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