हिंसा में मौत पर तीन लाख का प्रावधान

Published at :13 Mar 2014 6:24 AM (IST)
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हिंसा में मौत पर तीन लाख का प्रावधान

विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन लोहरदगा : जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में सदर ब्लॉक में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. प्राधिकार के सचिव शेषनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवादी, नक्सलवाद एवं सांप्रदायिक हिंसा में मारे गये व्यक्ति के परिजनों को तीन लाख रुपये मिलेगा. हिंसा के दौरान पूर्ण रुप से अपंग […]

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विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन

लोहरदगा : जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में सदर ब्लॉक में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. प्राधिकार के सचिव शेषनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवादी, नक्सलवाद एवं सांप्रदायिक हिंसा में मारे गये व्यक्ति के परिजनों को तीन लाख रुपये मिलेगा. हिंसा के दौरान पूर्ण रुप से अपंग या 50 प्रतिशत अपंग होने के बाद परिजनों को इस योजना के दौरान मुआवजा सरकार के द्वारा दिया जायेगा. इसके लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित होगी.

जिसके अध्यक्ष डीसी, एसपी, सिविल सजर्न, कल्याण पदाधिकारी जिसको राज्य सरकार मनोनीत करे. इस कमेटी द्वारा मृतकों या अपंगों की पहचान एवं साक्ष्य प्रमाणित करेगी. इनके परिजनों को मुआवजा की राशि के लिए प्रमाण आवश्यक है. इसके लिए आवेदन भर कर देना होगा. आवेदन को जिला स्तरीय कमेटी संयुक्त सचिव कार्मिक विभाग राज्य सरकार को देगी.

इसके लिए प्रथम सूचना रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र देना आवश्यक होगा. यह कमेटी 15 दिनों के अंदर पीड़िता या उसके परिवार जो आतंकवादी या सांप्रदायिक हिंसा के शिकार हुए हैं मुआवजा के लिए अनुशंसा करेगी. इस प्रकार के पीड़ित परिवार को स्वयं उपायुक्त भी अनुशंसा कर सकते हैं. यह प्रक्रिया जिला स्तरीय कमेटी तीन सप्ताह के अंदर पूरा करेगी. पीड़िता या उसके परिजन को मुआवजा राशि राज्य सरकार की ओर से दी जायेगी, जिसे उपायुक्त परिजनों को देंगे. सरकार इसके प्रचार-प्रसार कराने के लिए गृह सचिव, डीसी, एसपी को निदेश दिया है कि सबडिवीजन, प्रखंडों, पुलिस स्टेशन में इसका पालन किया जाये एवं पीड़ित लोगों को पहचान करने के लिए आवेदन लिया जाये.

मुआवजा राशि राज्य सरकार निर्गत करेगी. यह राशि केंद्र सरकार राज्यों को देगी. उन्होंने कहा कि तीन लाख रुपये प्रत्येक मृतक या अपंग व्यक्ति के परिवार जनों को दिया जायेगा. शिविर में कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गयी. मौके पर अधिवक्ता मिथलेश कुमार, डॉ प्रमोद कुमार पुजारी ने भी संबोधित किया.

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