महिलाओं के चीत्कार से टूटी खामोशी

Published at :24 Mar 2015 6:17 AM (IST)
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महिलाओं के चीत्कार से टूटी खामोशी

लोहरदगा के मुरमू गांव में मातम का माहौल, रास्ते हैं वीरान लोहरदगा : लोहरदगा जिला में जोबांग थाना क्षेत्र के मुरमू गांव में मातम का माहौल है. हर चेहरे पर उदासी है, हर रास्ता वीरान है. शनिवार की घटना के बाद ठाकुर बालमुकुंद नाथ शाहदेव के आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करनेवालों का आना-जाना जारी […]

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लोहरदगा के मुरमू गांव में मातम का माहौल, रास्ते हैं वीरान
लोहरदगा : लोहरदगा जिला में जोबांग थाना क्षेत्र के मुरमू गांव में मातम का माहौल है. हर चेहरे पर उदासी है, हर रास्ता वीरान है. शनिवार की घटना के बाद ठाकुर बालमुकुंद नाथ शाहदेव के आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करनेवालों का आना-जाना जारी है.
बाहर रहनेवाले नातेदार-रिश्तेदार आ रहे हैं.
एक बार तो उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा है कि इस घर से तीन लोग अब इस दुनियां में नहीं रहे. लोग समूह में बैठ कर गुजरे लोगों के साथ बिताये पल एवं उनकी दिलेरी की चर्चा भी दबी जुबानों से कर रहे हैं. घटना से हर तबके के लोग आहत हैं.
सभी का यही कहना है कि अब इस खूनी संघर्ष का अंत होना चाहिए. नक्सलियों के हाथों मारे गये लाल प्रमोद नाथ शाहदेव के पांच वर्षीय पुत्र अंकित सुनी नजरों से सब कुछ देख रहा है. उसने ही अपने पिता को मुखाग्नि दी थी. बालक को उम्मीद है कि उसके पिता लौट कर आयेंगे. यहां मौजूद भीड़ में लोगों के साथ वह भी बैठेंगे. सभी लोग इस दृश्य को देख कर मर्माहत हैं.
घर के अंदर महिलाओं की स्थिति कारुणिक है. उनके चीत्कार से बाहर बैठे लोग खामोश हो जाते हैं. गांव के ग्रामीण भी दुखी हैं. उनका कहना है कि अपने परिवार के ही लोग असमय चले गये. अब उनके सुख-दुख में कौन आगे आयेगा. सभी लोग उस क्षण को कोस रहे हैं, जब परिवार के लोगों ने जंगल जाने का प्रोग्राम बनाया था. ठाकुर बाल मुकुंद नाथ शाहदेव अंदर से टूट चुके हैं किसी तरह खुद को और अपने परिवार के सदस्यों को संभाले हुए हैं. बहुत कम शब्दों में वे अपनी बात रख रहे हैं.
नहीं जले गांव में चूल्हे
मुरमू में घटी घटना के बाद आसपास के इलाके में भय का माहौल है. ग्रामीण खामोश हैं. पूछने पर कोई भी कुछ बताने को तैयार नहीं है. इक्का-दुक्का लोग बोलते भी हैं, तो सिर्फ ठाकुर साहब के परिजनों की सहायता की बात कर रहें हैं. ग्रामीण दिल से दुखी हैं. इस घटना को लेकर रविवार के दिन कई घरों में चूल्हे नहीं जले. आलम ऐसा है कि मुरमू गांव की लगभग छह सौ आबादी की जुबान बंद हो गयी है. सभी लोग इस परिवार को अपना रक्षक मानते थे, लेकिन आज सभी खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं.
घटना की निंदा
रांची : संयुक्त सदान संघर्ष मोरचा के केंद्रीय अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने लातेहार में बालकृष्ण नाथ शाहदेव, प्रमोद नाथ शाहदेव व जय किशोर नाथ शाहदेव की हत्या पर गहरा दुख प्रकट किया है. श्री प्रसाद ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है. इसकी जितनी भी निंदा की जाये कम है.
प्रदीप नाथ शाहदेव ने दर्ज करायी प्राथमिकी
लाल बालकिशोर नाथ शाहदेव, लाल जयकिशोर नाथ शाहदेव एवं लाल प्रमोद नाथ शाहदेव की हत्या के बाद उनके भतीजे लाल प्रदीप नाथ शाहदेव ने जोबांग थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है. एसपी मनोज रतन चोथे के अनुसार नक्सली नकुल यादव, मदन, कामेश्वर, दिनेश यादव उर्फ चश्मा और विकास सहित अज्ञात नक्सलियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
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