सीएचसी कर्मियों को छह माह से नहीं मिला मानदेय, आउटसोर्सिंग के तहत काम कर रहे कर्मियों के समक्ष भुखमरी की हालत
Updated at : 14 Jan 2019 8:52 AM (IST)
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कुड़ू : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुड़ू में आउटसोर्सिंग के तहत काम करनेवाले कर्मियों डाटा आॅपरेटर, एएनएम, ट्राली मैन, सफाई कर्मी से लेकर ड्रेसर तक को पिछले छह माह से मानदेय का भुगतान नहीं हो पाया है. कर्मियों को मानदेय भुगतान कराने को लेकर शासन से लेकर प्रशासन तक चुप्पी साधे है. कर्मी मानदेय भुगतान को […]
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कुड़ू : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुड़ू में आउटसोर्सिंग के तहत काम करनेवाले कर्मियों डाटा आॅपरेटर, एएनएम, ट्राली मैन, सफाई कर्मी से लेकर ड्रेसर तक को पिछले छह माह से मानदेय का भुगतान नहीं हो पाया है. कर्मियों को मानदेय भुगतान कराने को लेकर शासन से लेकर प्रशासन तक चुप्पी साधे है.
कर्मी मानदेय भुगतान को लेकर कभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी तो कभी सिविल सर्जन से लेकर जनप्रतिनिधियों के दरबार में हाजरी लगा रहे हैं लेकिन कोई सुननेवाला नहीं है. मानदेय भुगतान नहीं होने से कर्मी भुखमरी के कगार पर पहुंच गये हैं.
आउटसोर्सिंग के तहत 30 से अधिक कर्मी कार्यरत: कुड़ू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समेत लोहरदगा जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों मे सफाईकर्मी से लेकर ड्रेसर तक से काम कराने का काम निविदा के माध्यम से राइडर सिक्योरिटी सर्विसेज कंपनी को आंवटित किया गया है.
कुड़ू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आउटसोर्सिंग के तहत 30 से ज्यादा कर्मी कार्यरत है़ं इनमें डाटा आॅपरेटर इंतखाब आलम, राजकिशोर टोप्पो, आरजी कलर्क श्वेता शालिनी सिंह, एलटी आफताब अंसारी, जीएनएम प्रीति कंचन एक्का, जातोम बिलुंग, रेणु खालखो, ड्रेसर सुभद्रा कुमारी, राधेश्याम महली, चालक राजेश भारती, खालिद हुसैन, ट्राली मैन हनी कुमार, बालकृष्णा प्रसाद, सुधीर मिंज, बासदेव उरांव, पारो देवी, हेमंत कुमार, सफाईकर्मी राजकिशोर महली, सुधराम उरांव, अशोक कुजूर, मो तुफैल, गौतम रजक, मानकी कुमारी, नीतू देवी, रीता देवी, कदमा देवी, एएनएम गोयलेन बारला, अंजलि लकड़ा, इलेक्ट्रिशियन अब्दुल सुलतान, पलंबर आजाद खान समेत अन्य कर्मी काम कर रहें हैं. दिन-रात काम करनेवाले कर्मियों को छह माह से मानदेय भुगतान नहीं होने से इनके समक्ष भुखमरी की नौबत आ गयी है.
कुछ कर्मियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में काम करने के बाद जो मानदेय मिलता है इसी से परिवार का जीविकोपार्जन होता है.
छह माह हो गये दुकानदार राशन देना बंद कर दिया है. कैसे परिवार को दो जून की रोटी मुहैया करायें इसकी चिंता सता रही है. कहां जायें और किससे फरियाद करें कि मानदेय भुगतान हो जाये. मानदेय नहीं मिला तो पूरा परिवार भुखमरी का शिकार हो जायेगा.
मंत्री रामचंद्र चंद्रवशी का आश्वासन बेकार: बताया जाता है कि चार माह पहले राज्य के स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण मंत्री रामचंद्र चंद्रवशी पलामू जाने के क्रम में कुड़ू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे. मंत्री को आउटसोर्सिंग के तहत काम करनेवाले कर्मियों ने लिखित रूप से आवेदन देकर मानदेय भुगतान कराने की मांग की थी़
मौके पर मंत्री रामचंद्र चंद्रवशी ने तत्कालिन सिविल सर्जन पैट्रिक टेटे को आदेश दिया था कि एक माह के भीतर सभी कर्मियों का मानदेय भुगतान सुनिश्चित करें. इसी बीच सिविल सर्जन पैट्रिक टेटे का तबादला हो गया तथा मामला अधर में लटक गया. कर्मियों ने मंत्री तक मांग पहुंचायी लेकिन कर्मियों को आश्वासन की घुट्टी पिला कर सभी ने अपना दामन बचा लिया.
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