लोहरदगा : बिहार विधान परिषद के पूर्व सदस्य प्रवीण कुमार सिंह ने संवाददाता सम्मेलन का आयोजन कर कहा है कि लोहरदगा नगर परिषद में भ्रष्टाचार चरम पर है. यहां लगभग 100 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है. इसमें नगर विकास मंत्रालय और नगर विकास विभाग दोनों हिस्सेदार है.
उन्होंने कहा कि लोहरदगा नगर परिषद में गड़बड़ियों की तीन बार जांच करायी गयी. हर बार डीसी को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट दिया गया लेकिन दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, उल्टे भ्रष्ट कार्यपालक पदाधिकारी को प्रशासन ने बॉडीगार्ड उपलब्ध करा दिया है. जिसके कारण प्रशासन की भूमिका भी संदेह की घेरे में आ गयी है. श्री सिंह ने कहा कि आखिर उन्हें खतरा किससे है. एक जनप्रतिनिधि से? जनप्रतिनिधि विधायक सुखदेव भगत ने तो भ्रष्टाचार का विरोध किया था.
उल्टे उन पर एफआइआर दर्ज करा दिया गया और भ्रष्टाचारी को प्रशासन ने बॉडीगार्ड उपलब्ध करा दिया. ऐसा लोहरदगा के आम जनता को डराने के लिए और नगर परिषद को ज्यादा लूटवाने के लिए किया गया है. नगर परिषद ने गलत तरीके से लगभग 19 करोड़ की जमीन खरीदी है जिसका कोई अता-पता नहीं है. ये मजाक ही तो है कि बच्चों के पार्क के लिए सेन्हा प्रखंड के सुदूर गांव दतरी में जमीन खरीदा गया. आज शहर का कचरा फेंकने के लिए जगह नहीं है. आखिर अपनी खरीदी जमीन में कचरा क्यों नहीं फेक रहे हैं. सभी जमीन विवादित है और किसी में भी पहुंच पथ नहीं है. मिट्टी के मोल की जमीन को मंहगे दम पर खरीदा गया है.
बिहार के पटना से करोड़ों रुपये के वाहन खरीद कर बेकार रखा गया है. प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गयी है. गड़बड़ी प्रमाणित भी हो चुकी है़, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है. कदम-कदम पर गड़बड़ी हुई है. चाहे प्रचार-प्रसार का मामला हो या खरीदारी का सब में गड़बड़ी है. टैक्स के पैसे का भी घोटाला किया गया है. बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की गयी है. कर्मचारियों के पास लाखों रुपये अग्रीम पड़े हैं. जेई विनाद कुमार के पास लगभग 13 लाख रुपये अग्रीम है और उनका स्थानतरण हो गया.
अग्रीम के बावजूद उनको एलपीसी दे दिया गया. आज लोहरदगा शहर कचरे में बदल गया है. विकास के नाम पर लोगों को छला जा रहा है. नगर परिषद का काम नागरिक सुविधा उपलब्ध कराना है लेकिन नगर परिषद के लोग जनता को परेशान कर रहे हैं. लोहरदगा के राजनीतिक दल के लोग अपने दिल्ली और रांची के आलाकमान की खुशामद करने में लगे हैं. लोहरदगा से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है. जो लोग भ्रष्ट कार्यपालक पदाधिकारी का समर्थन कर रहे हैं वे लोग भ्रष्टाचार के समर्थक हैं और इस घोटाले में उनकी भी भागीदारी है.
लोहरदगा की जनता को गोलबंद किया जा रहा है और भ्रष्ट पदाधिकारी के खिलाफ मुहिम चला कर प्रशासन पर दबाव बना कर जेल भेजवाया जायेगा, नहीं तो न्यायालय में केस किया जायेगा. प्रवीण सिंह ने कहा कि लोहरदगा की जनता को भ्रष्टाचारियों का विरोध करना चाहिए.
