आज तक हाई स्कूल के शिक्षकों की बहाली नहीं

Updated at : 05 Jan 2018 9:25 AM (IST)
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आज तक हाई स्कूल के शिक्षकों की बहाली नहीं

कुड़ू : केंद्र व राज्य सरकार शिक्षा के विकास में करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. राज्य सरकार दावा करते नहीं थक रही है कि शिक्षा के क्षेत्र में राज्य आनेवाले समय में शिक्षा का हब बनेगा. लेकिन धरातल पर हकीकत सरकार के दावे को खोखला साबित करता है. प्रखंड के दो मध्य विद्यालयों राजकीय […]

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कुड़ू : केंद्र व राज्य सरकार शिक्षा के विकास में करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. राज्य सरकार दावा करते नहीं थक रही है कि शिक्षा के क्षेत्र में राज्य आनेवाले समय में शिक्षा का हब बनेगा. लेकिन धरातल पर हकीकत सरकार के दावे को खोखला साबित करता है. प्रखंड के दो मध्य विद्यालयों राजकीय मध्य विद्यालय सलगी व जिंगी को अपग्रेड करते हुए उच्च विद्यालय का दर्जा दिया. पहले दोनों विद्यालयों में वर्ग एक से आठ वर्ग तक पढ़ाई की व्यवस्था थी. अपग्रेड होने के बाद नौ व 10 वर्ग तक पढ़ाई करने की व्यवस्था बहाल हो गयी.
वर्ष 2011 में दोनों विद्यालयों को अपग्रेड किया गया. सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी. वर्तमान हालत यह है कि अपग्रेड हुए छह साल होने के बावजूद एक भी उच्च विद्यालय के शिक्षकों की बहाली नहीं की गयी है.
उत्क्रमित उच्च विद्यालय जिंगी में वर्ग नौ में 83 व 10 में 56 छात्र-छात्राएं शिक्षण ले रहे हैं. उच्च विद्यालय में शिक्षकों के स्वीकृत पद आठ है, लेकिन छह सालों में एक भी शिक्षक की बहाली सरकार ने की है. मध्य विद्यालय में शिक्षकों के आठ पद है. उनमें दो सरकारी शिक्षक प्रभारी प्रधानाध्यापक राजेंद्र उरांव व मर्सिला तिर्की, चार पारा शिक्षक प्रदीप कुमार, प्रयाग साहू, फूलमनी कुमारी व समीना खातून कार्यरत है. जिंगी मध्य विद्यालय में प्रथम से लेकर वर्ग आठ में नामांकित छात्र-छात्राओं की संख्या 358 है. इस प्रकार सलगी उत्क्रमित उच्च विद्यालय में एक भी शिक्षक बहाल नहीं हुए है.
मध्य विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापक महड़े उरांव समेत अन्य शिक्षक है. दोनों विद्यालयों में पढ़नेवाले बच्चों का भविष्य कैसा होगा, सहज अंदाजा लगाया जा सकता है. इस संबंध में जिंगी उत्क्रमित उच्च विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राजेंद्र उरांव ने बताया कि हाई स्कूल में शिक्षकों की बहाली नहीं हो पायी है. मध्य विद्यालय के शिक्षक उच्च विद्यालय के बच्चों को पढ़ा रहे है.
सलगी के प्रधानाध्यापक महड़े उरांव ने बताया कि पारा शिक्षक व मध्य विद्यालय के शिक्षक दोनों मिल कर हाई स्कूल के बच्चों को पढ़ाते है. बताया जाता है कि राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास पिछले साल चार जून को सलगी में आयोजित दामोदर बचाओ अभियान के वार्षिक कार्यक्रम में पहुंचे थे. सलगी के ग्रामीणो ने मुख्यमंत्री को विद्यालय में शिक्षकों की कमी से अवगत कराते हुए शिक्षक बहाली की मांग की थी.
सीएम ने तत्काल शिक्षक बहाल करने का भरोसा दिलाया था. लेकिन सीएम के आश्वासन के सात माह बाद भी एक शिक्षक की बहाली नहीं हुई है. इस संबंध में शिक्षा विभाग का कोई भी अधिकारी मुंह खोलने को तैयार नहीं है. प्रखंड शिक्षा विभाग के अधिकारी ने इतना बताया कि शिक्षकों की कमी से विभाग को अवगत करा दिया गया है.
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