भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की विशेषता है स्वदेशी तकनीक
Updated at : 09 Dec 2017 8:37 AM (IST)
विज्ञापन

लोहरदगा़ : प्लस टू नदिया हिंदू उच्च विद्यालय में आयोजित आकांक्षा 40 के विद्यार्थियों का दो दिवसीय विज्ञान सेमिनार भारतीय वैज्ञानिकों की उपलब्धियों की चर्चा के साथ संपन्न हुआ. सेमिनार में भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के विभिन्न आयामों की चर्चा विशेषज्ञ शिक्षकों एवं उपस्थित छात्र-छात्राओं के बीच विस्तार से हुई. इस सेमिनार से यह बात उभर […]
विज्ञापन
लोहरदगा़ : प्लस टू नदिया हिंदू उच्च विद्यालय में आयोजित आकांक्षा 40 के विद्यार्थियों का दो दिवसीय विज्ञान सेमिनार भारतीय वैज्ञानिकों की उपलब्धियों की चर्चा के साथ संपन्न हुआ. सेमिनार में भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के विभिन्न आयामों की चर्चा विशेषज्ञ शिक्षकों एवं उपस्थित छात्र-छात्राओं के बीच विस्तार से हुई. इस सेमिनार से यह बात उभर कर आयी कि भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम न केवल विश्व में अपनी प्रतिष्ठा बढ़ाने का जरिया है
बल्कि इससे हमारी तकनीकी दक्षता भी झलकती है. भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की मुख्य विशेषता इसका स्वदेशी तकनीक है. कृत्रिम उपग्रहों की सहायता से सर्वेक्षण मौसम संबंधी भविष्यवाणी, सीमा सुरक्षा तथा प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा में बचाव कार्य आसान हो गया. आधुनिक दूरसंचार व्यवस्था कृत्रिम उपग्रहों के कारण ही संभव है.
समापन दिवस पर सेमिनार को राहुल कुमार, संजय कुमार पांडे, दिवाकर प्रसाद सिंह, मीनाक्षी खलखो, स्नेह कुमार आदि विशेषज्ञ शिक्षकों ने संबोधित किया. मौके पर नेहा परवीन, पूजा सोनी, विशाल वर्मा, बजरंग भगत, सुजीत उरांव, अजय कुमार साहू, हर्षित कुमार, अनिता कुमारी, अंकित शाहदेव, रवि लकड़ा, राजू स्नेहा गुप्ता, आरती गुप्ता, मिताली साहू आदि मौजूद थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




