प्रकृति व संस्कृति की रक्षा की सीख देता है सरहुल

Published by : DEEPAK Updated At : 30 Apr 2025 8:38 PM

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माल्हन पंचायत अंतर्गत माल्हन, गनियारी, लोहरसी, देवनदीया व मरमर गांव में बुधवार को परंपरागत सरहुल का त्योहार धूमधाम से मनाया गया

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चंदवा. माल्हन पंचायत अंतर्गत माल्हन, गनियारी, लोहरसी, देवनदीया व मरमर गांव में बुधवार को परंपरागत सरहुल का त्योहार धूमधाम से मनाया गया. बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग पारंपरिक वेश-भूषा में कार्यक्रम में शामिल हुए. गनियारी गांव में आयोजित सरहुल जुलूस का उद्घाटन मुखिया जतरू कुमार मुंडा ने किया. उन्होंने कहा कि आज सरहुल का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. इसे लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह है. सरहुल हमे अपने प्रकृति की रक्षा करने व अपनी संस्कृति की रक्षा करने की सीख देता है. सभी लोगों को उन्होंने सरहुल की बधाई दी. इस दौरान कई गांव-टोले के खोड़हा मंडली ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया. मांदर की थाप पर लोग जमकर थिरके. ज्ञात हो कि परंपरागत सरहुल के एक दिन पूर्व गांव में सभी लोग उपवास रखते है. पाहन द्वारा पेड़-पौधों की पूजा की जाती है. गांव के किसी भी व्यक्ति द्वारा प्रकृति के साथ छेड़ छाड़ नहीं की जाती है. मान्यता है कि ऐसा करने से गांव में सुख-शांति बनी रहती है.

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