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कीचड़ में धान रोपकर जताया विरोध, सड़क निर्माण की रोक पर ग्रामीणों का प्रदर्शनवन विभाग की रोक के बाद लात पंचायत में नहीं बनी सड़कतसवीर-27 लेट-14 धान रोपती महिलाएंप्रतिनिधि, बरवाडीहप्रखंड के अति सुदूरवर्ती लात पंचायत में सड़क निर्माण वन विभाग की रोक के कारण अधर में लटका हुआ है. लगभग छह किलोमीटर सड़क का कार्य नहीं हो पाने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. विशेषकर बारिश के मौसम में सड़क पर कीचड़ जमा हो जाता है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन बेहद कठिन हो जाता है. रविवार को पंचायत के पूर्व मुखिया जगसहाय सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने अनोखे अंदाज में विरोध जताया. उन्होंने सड़क पर जमा कीचड़ में धान की रोपनी कर विरोध प्रदर्शन किया. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं बनने से लात पंचायत के एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हो रहे हैं. पूर्व में महुआडांड़ मुख्य मार्ग से लात पंचायत मुख्यालय तक लगभग नौ किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति दी गयी थी, जिसका शिलान्यास विधायक रामचंद्र सिंह ने पिछले वर्ष किया था. लेकिन अब तक केवल तीन किलोमीटर सड़क, जो रैयती जमीन पर है, उसका निर्माण हो सका है. शेष लगभग छह किलोमीटर सड़क वनभूमि से होकर गुजरनी है, जिस पर वन विभाग की आपत्ति के चलते निर्माण कार्य रुका हुआ है.बरसात में कीचड़ व जलजमाव से लोगों को अस्पताल, स्कूल व बाजार तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. प्रदर्शन में मुखिया ईश्वरी देवी, अरुण सिंह खरवार, रितेश प्रसाद, संजय उरांव, जयराम सिंह, सुनील प्रसाद, भुनेश्वर सिंह, राजेश प्रसाद सहित पंचायत की दर्जनों महिलाओं ने भाग लिया. ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक और वन विभाग के अधिकारियों से जनहित में शीघ्र समाधान निकालने और सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द पहल नहीं हुई, तो आंदोलन तेज किया जायेगा.

Updated at : 27 Jul 2025 9:47 PM (IST)
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कीचड़ में धान रोपकर जताया विरोध, सड़क निर्माण की रोक पर ग्रामीणों का प्रदर्शनवन विभाग की रोक के बाद लात पंचायत में नहीं बनी सड़कतसवीर-27 लेट-14 धान रोपती महिलाएंप्रतिनिधि, बरवाडीहप्रखंड के अति सुदूरवर्ती लात पंचायत में सड़क निर्माण वन विभाग की रोक के कारण अधर में लटका हुआ है. लगभग छह किलोमीटर सड़क का कार्य नहीं हो पाने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. विशेषकर बारिश के मौसम में सड़क पर कीचड़ जमा हो जाता है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन बेहद कठिन हो जाता है. रविवार को पंचायत के पूर्व मुखिया जगसहाय सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने अनोखे अंदाज में विरोध जताया. उन्होंने सड़क पर जमा कीचड़ में धान की रोपनी कर विरोध प्रदर्शन किया. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं बनने से लात पंचायत के एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हो रहे हैं. पूर्व में महुआडांड़ मुख्य मार्ग से लात पंचायत मुख्यालय तक लगभग नौ किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति दी गयी थी, जिसका शिलान्यास विधायक रामचंद्र सिंह ने पिछले वर्ष किया था. लेकिन अब तक केवल तीन किलोमीटर सड़क, जो रैयती जमीन पर है, उसका निर्माण हो सका है. शेष लगभग छह किलोमीटर सड़क वनभूमि से होकर गुजरनी है, जिस पर वन विभाग की आपत्ति के चलते निर्माण कार्य रुका हुआ है.बरसात में कीचड़ व जलजमाव से लोगों को अस्पताल, स्कूल व बाजार तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. प्रदर्शन में मुखिया ईश्वरी देवी, अरुण सिंह खरवार, रितेश प्रसाद, संजय उरांव, जयराम सिंह, सुनील प्रसाद, भुनेश्वर सिंह, राजेश प्रसाद सहित पंचायत की दर्जनों महिलाओं ने भाग लिया. ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक और वन विभाग के अधिकारियों से जनहित में शीघ्र समाधान निकालने और सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द पहल नहीं हुई, तो आंदोलन तेज किया जायेगा.

कीचड़ में धान रोपकर जताया विरोध, सड़क निर्माण की रोक पर ग्रामीणों का प्रदर्शन

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बरवाडीह़ प्रखंड के अति सुदूरवर्ती लात पंचायत में सड़क निर्माण वन विभाग की रोक के कारण अधर में लटका हुआ है. लगभग छह किलोमीटर सड़क का कार्य नहीं हो पाने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. विशेषकर बारिश के मौसम में सड़क पर कीचड़ जमा हो जाता है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन बेहद कठिन हो जाता है. रविवार को पंचायत के पूर्व मुखिया जगसहाय सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने अनोखे अंदाज में विरोध जताया. उन्होंने सड़क पर जमा कीचड़ में धान की रोपनी कर विरोध प्रदर्शन किया. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं बनने से लात पंचायत के एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हो रहे हैं. पूर्व में महुआडांड़ मुख्य मार्ग से लात पंचायत मुख्यालय तक लगभग नौ किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति दी गयी थी, जिसका शिलान्यास विधायक रामचंद्र सिंह ने पिछले वर्ष किया था. लेकिन अब तक केवल तीन किलोमीटर सड़क, जो रैयती जमीन पर है, उसका निर्माण हो सका है. शेष लगभग छह किलोमीटर सड़क वनभूमि से होकर गुजरनी है, जिस पर वन विभाग की आपत्ति के चलते निर्माण कार्य रुका हुआ है.बरसात में कीचड़ व जलजमाव से लोगों को अस्पताल, स्कूल व बाजार तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. प्रदर्शन में मुखिया ईश्वरी देवी, अरुण सिंह खरवार, रितेश प्रसाद, संजय उरांव, जयराम सिंह, सुनील प्रसाद, भुनेश्वर सिंह, राजेश प्रसाद सहित पंचायत की दर्जनों महिलाओं ने भाग लिया. ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक और वन विभाग के अधिकारियों से जनहित में शीघ्र समाधान निकालने और सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द पहल नहीं हुई, तो आंदोलन तेज किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SHAILESH AMBASHTHA

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