हौसलों की पिच पर समाज की गुगली का जवाब दे रही प्रेरणा

Updated:
विज्ञापन
हौसलों की पिच पर समाज की गुगली का जवाब दे रही प्रेरणा

हौसलों की पिच पर समाज की गुगली का जवाब दे रही प्रेरणा

विज्ञापन

चंदवा़ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आज पूरा विश्व नारी शक्ति का सम्मान कर रहा है. खेल के मैदान में भी भारत की बेटियों ने नयी क्रांति लिखी है. कभी पुरुषों का खेल कहे जाने वाले क्रिकेट को चंदवा की बेटी प्रेरणा मेहता अपनी मेहनत से एवरीवन गेम बना रही हैं. प्रेरणा ने स्थानीय स्तर पर महिला क्रिकेट के लिए एक नयी पटकथा लिखनी शुरू कर दी है. 10 साल की उम्र से थामी है लय : प्रेरणा के क्रिकेट का सफर महज 10 साल की उम्र में शुरू हुआ था. स्थानीय हाई स्कूल स्टेडियम में कोच राजा तिवारी से क्रिकेट का ककहरा सीखते हुए वह लड़कों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रैक्टिस करने लगीं. बेहतर ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर दो साल पूर्व उन्होंने बोकारो में अंडर-14 मैच खेलकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. फिलहाल वह सीबीएसइ 10वीं की परीक्षा दे रही हैं, लेकिन खेल के प्रति उनका जुनून कम नहीं हुआ है. माता-पिता का मिल रहा पूरा साथ : प्रेरणा के पिता अभिमन्यु प्रसाद शिक्षक और मां काजल कुमारी गृहिणी हैं. दोनों अपनी बेटी के इस निर्णय और खेल से बेहद खुश हैं. प्रेरणा का कहना है कि वे आगे भी अपनी प्रैक्टिस जारी रखेंगी और क्रिकेट में ही अपना करियर बनायेंगी. प्रेरणा की यह उपलब्धि क्षेत्र की अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणा की स्रोत बनी हुई है.

विज्ञापन
Shailesh Ambashtha

लेखक के बारे में

By Shailesh Ambashtha

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola