फायरिंग रेंज का अंतिम सांस तक विरोध करने का संकल्प लिया

फायरिंग रेंज का अंतिम सांस तक विरोध करने का संकल्प लिया
महुआडांड़़ नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के खिलाफ जारी ऐतिहासिक आंदोलन के दूसरे दिन टूटवापानी में जनसैलाब उमड़ पड़ा. संकल्प सभा में जुटे हजारों ग्रामीणों ने एक स्वर में अंतिम सांस तक फायरिंग रेंज का विरोध करने का संकल्प लिया. वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा 11 मई 2022 को अधिसूचना की अवधि समाप्त किये जाने के बावजूद, ग्रामीण अपनी जमीन की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं.संसाधनों पर ग्राम सभा का अधिकार : वक्ताओं ने कहा कि यह इलाका संविधान की 5वीं अनुसूची के अंतर्गत आता है. यहां के जल, जंगल और जमीन पर स्थानीय समुदाय का सामुदायिक अधिकार है. ग्राम सभा की सहमति के बिना गांव का एक इंच संसाधन भी किसी को हस्तांतरित नहीं किया जा सकता. केंद्रीय जनसंघर्ष समिति के वरिष्ठ सदस्य अनिल मनोहर ने कहा कि पिछले 30 वर्षों से जारी यह आंदोलन विश्व प्रसिद्ध हो चुका है. यदि आने वाली पीढ़ी इसी धार के साथ संघर्ष जारी रखेगी, तो जीत निश्चित है. विस्थापन और व्याघ्र परियोजना पर चिंता : इस दौरान विस्थापन की विभीषिका और कोर क्षेत्र के अंतर्गत व्याघ्र परियोजना से जुड़े सामाजिक मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गयी. मौके पर जेरोम जेराल्ड कुजूर, पालासिदियुस, अस्मिता, रंजीत टोप्पो, रोश खाखा, कुलदीप मिंज, अगस्तस मिंज समेत काफी संख्या में आंदोलनकारी उपस्थित थे.
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