अभिभावक बैठक में संस्कार व बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर
बारियातू के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में अभिभावक बैठक आयोजित की गई, जिसमें बच्चों के सर्वांगीण विकास और संस्कारयुक्त शिक्षा पर विशेष चर्चा की गई।
लातेहार: प्रखंड मुख्यालय स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में गुरुवार को कक्षा षष्ठ, सप्तम व अष्टम के विद्यार्थियों के अभिभावकों की बैठक की गयी. इसमें विद्यार्थियों के सर्वांगीण व गुणात्मक विकास, संस्कारयुक्त शिक्षा व अभिभावकों की भूमिका पर चर्चा की गयी. इसकी शुरुआत आरएसएस के पलामू विभाग संघचालक जानकी नंदन राणा, विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के सचिव माधव प्रसाद व प्रधानाचार्य जितेंद्र राम ने की. प्रधानाचार्य श्री राम ने कहा कि संघ की प्रेरणा से वर्ष 1952 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में प्रथम शिशु मंदिर की स्थापना हुई थी. विद्या भारती की शिक्षा पद्धति में समय-समय पर अभिभावक बैठक का आयोजन किया जाता है, ताकि बच्चों को भारतीय संस्कृति, संस्कार व राष्ट्रभक्ति से जोड़ा जा सके और उनका समग्र विकास हो. जानकी नंदन राणा ने कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में परिवार की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है. इसलिए अभिभावकों को अपने व्यवहार व आचरण पर विशेष ध्यान देना चाहिए. उन्होंने बच्चों को घर में सम्मानजनक भाषा व संस्कारपूर्ण वातावरण देने पर बल दिया. मौके पर कई लोग मौजूद थे.
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