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आतंक का पर्याय था नक्सली छोटू खरवार

Updated at : 27 Nov 2024 5:56 PM (IST)
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आतंक का पर्याय था नक्सली छोटू खरवार

15 लाख रुपये का इनामी नक्सली छोटू खरवार जिले मे आतंक का पर्याय था.

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तसवीर-27 लेट-3 छोटू का पड़ा शव चंद्रप्रकाश सिंह. लातेहार. 15 लाख रुपये का इनामी नक्सली छोटू खरवार जिले मे आतंक का पर्याय था. भाकपा माओवादी के रीजनल कमांडर छोटू खरवार पर 100 से अधिक नक्सली घटनाओं का अभियुक्त है. लातेहार जिले के अलावा अन्य जिलों के कई थानों में भी इसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं. उसका नाम एनआईए की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था. एनआईए ने उस पर तीन लाख का इनाम भी घोषित कर रखा था. छोटू खरवार के नेतृत्व में माओवादी गुमला, लोहरदगा और लातेहार इलाके में सक्रिय था. माओवादी कमांडर छोटू खरवार लातेहार जिले के हेरहंज थाना क्षेत्र के सिकिद लावागड़ा का रहने वाला है. सुरक्षा बलों द्वारा बूढ़ापहाड़ पर अभियान ऑक्टोपस चलाये जाने के बाद माओवादी ने इस इलाको को खाली कर दिया था. बाद में माओवादी सेंट्रल कमेटी ने बूढ़ापहाड़ के क्षेत्र में संगठन की कमान छोटू खरवार को सौंपा था. छोटू खरवार माओवादियों का कोयल शंख जोन का इंचार्ज भी था. बूढ़ापहाड़ में सुरक्षा बलो द्वारा लगातार चलाये गये अभियान के बाद इस इलाके से बचकर भागे माओवादी छोटू खरवार के साथ हो गये थे. हाल के दिनों में छोटू खरवार ने महुआडांड क्षेत्र मे लेवी के लिए कई हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया था. कटिया की घटना के बाद आया था चर्चा में जिले के बरवाडीह थाना क्षेत्र के कटिया जंगल मे हुए नक्सली हमला के बाद छोटू खरवार चर्चा मे आया था. वर्ष 2013 में पुलिस के साथ हुए मुठभेड़ के दौरान विस्फोट की घटना हुई थी जिसमे सीआरपीएफ के 13 जवान शहीद हो गये थे. इस घटना में माओवादियों ने एक जवान के पेट में बम प्लांट किया था. इसके बाद वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव के दौरान चंदवा थाना क्षेत्र के लुकूईया मोड पर घात लगा कर पुलिस पर फायरिंग की गयी था. जिसमें चार जवान शहीद हो गये थे. ..छोटू खरवार की हत्या से जिले में माओवदियों का किला हुआ धराशायी तसवीर-27 लेट-8 छोटू का घर, लेट-10 गांव मे पसरा सन्नाटा हेरहंज. 15 लाख का इनामी नक्सली संगठन भाकपा माओवादी का रीजनल कमेटी सदस्य छोटू खरवार उर्फ छोटू जी का हत्या कर दी गयी. छोटू खरवार उर्फ छोटू 1990 के दशक से एमसीसी संगठन में बाल टीम में जुड़ा था. बाल टीम से संगठन के लिए काम करते हुए रीजनल कमिटी का सदस्य के रूप में कार्यभार संभाला था. छोटू खरवार उर्फ छोटू पिता नरेश सिंह खरवार थाना क्षेत्र के सिकिद गांव का रहने वाला था. पांच भाई में छोटू तीसरे नंबर पर था. छोटू खरवार का एक पुत्र व दो पुत्री है जो लातेहार में पढ़ाई करते हैं. छोटू खरवार भी दसवीं कक्षा पास कर संगठन में शामिल हुआ था. छोटू खरवार की पत्नी ललिता देवी फिलहाल रांची के होटवार जेल में बंद है. एनआइए की टीम ने उसे 2019 में गिरफ्तार कर जेल भेजा था. छोटू खरवार की मौत की खबर बुधवार की सुबह सुनते ही परिजनों व ग्रामीणों में शोक का लहर देखा गया. गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था. छोटू के अन्य परिवार के सदस्यों का घर भी बंद था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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