14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत, लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर

14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत, लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर
लातेहार ़ व्यवहार न्यायालय परिसर में आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत और ””””मध्यस्थता देश के लिए 2.0”””” अभियान की सफलता को लेकर समीक्षा बैठक हुई. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष शेषनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में तैयारियों की गहन समीक्षा की गयी. अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन का निर्देश : बैठक के दौरान पीडीजे शेषनाथ सिंह ने न्यायिक पदाधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. उन्होंने सुलहनीय आपराधिक मामलों, दीवानी वादों, बैंक ऋण, बिजली बिल और वैवाहिक विवादों को चिह्नित कर अधिक से अधिक नोटिस तामिला कराने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य आम लोगों को सस्ता और सुलभ न्याय प्रदान करना है, इसलिए इसे सफल बनाने में कोई कसर न छोड़ें. मध्यस्थता से सुलझायें विवाद : ””””मध्यस्थता देश के लिए 2.0”””” अभियान पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यस्थता आपसी विवादों को सुलझाने का एक सशक्त और प्रभावी माध्यम है. उन्होंने न्यायिक अधिकारियों से कहा कि वे पक्षकारों को मध्यस्थता के लाभों के बारे में जागरूक करें, ताकि समाज में सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे और न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ कम हो सके. बैठक में प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय सैयद सलीम फातमी, अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मिश्रा, संजय कुमार दुबे, सुनिल दत्त द्विवेदी, सीजेएम विक्रम आन्नद, एसीजेएम कुमारी जीव, सीनियर सिविल जज मीनाक्षी मिश्रा, प्राधिकार के सचिव शिवम चौरसिया, एसडीजेएम प्रणव कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी उत्कर्ष जैन समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




