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बंद रहा जीवन ज्योति मेडिकल हॉल

Updated at : 11 Jun 2024 9:05 PM (IST)
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बंद रहा जीवन ज्योति मेडिकल हॉल

प्रखंड मुख्यालय स्थित जिला परिषद बस स्टैंड के ठीक सामने स्थित जीवन ज्योति दवाखाना सह क्लीनिक से बगैर चिकित्सकों की पर्ची के नींद की गोली देने का मामला सोमवार को सामने आया था

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सुमित कुमार

चंदवा. प्रखंड मुख्यालय स्थित जिला परिषद बस स्टैंड के ठीक सामने स्थित जीवन ज्योति दवाखाना सह क्लीनिक से बगैर चिकित्सकों की पर्ची के नींद की गोली देने का मामला सोमवार को सामने आया था. सनसनीखेज बात यह है कि इन दवाइयों का उपयोग लोग नशा के लिए कर रहे हैं. युवा पीढ़ी इसकी चपेट में हैं. मामले की जानकारी के बाद बादुर बगीचा की महिलाओं ने उक्त दवा दुकान में सोमवार को जमकर हंगामा किया था. तब से संचालक दुकान बंद कर फरार हो गया. मंगलवार को भी उक्त दुकान नहीं खुली. बताते चलें कि इन दिनों शहर में नशा का अवैध कारोबार काफी फलफूल रहा है. अब सिगरेट-गुटखा दूर की चीज हो गयी. युवा गांजा, चरस, अफीम, पेन बाम, सुलेशन, नींद की गोली, ब्राउन शुगर, खांसी का सिरफ आदि नशा के लिये उपयोग कर रहे है. सोचनेवाली बात यह है कि बड़ी तेजी से इसकी चपेट में युवा आ रहे है. नशा के बाद अनैतिक कार्य व सड़क दुर्घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है.

मंगलवार को मिली छुट्टी

उक्त नींद की गोली खाकर बादुर बगीचा के दो युवक (18 व 19 वर्ष का) नशे में धुत हो गये थे. वे बार-बार और दवा की मांग कर रहे थे. उनकी तबीयत बिगड़ती देख परिजनों ने दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भरती कराया था. मंगलवार की सुबह दोनों की हालत सामान्य होने के बाद उन्हें छ़ट्टी दे दी गयी. दोनों के परिजन परेशान है. उनकी मानें तो बच्चों का स्वभाव काफी बदल गया है. बात-बात पर चिल्लाने की आदत हो गयी है. पुलिस सूत्रों की मानें तो परिजनों के आवेदन पर पुलिस जांच कर रही है. जल्द ही प्राथमिकी दर्ज की जायेगी.

दवा दुकानाें में होनी चाहिये रूटीन जांच

उक्त मामले पर ड्रग इंस्पेक्टर कैलाश मुंडा ने कहा कि मामले की जानकारी उन्हें मिली है. सोमवार को भी वे दुकान गये थे, पर दुकान बंद मिली. उनके फोन पर कॉल करने के बाद भी दुकानदार ने रिस्पांस नहीं लिया. पूर्व में भी उनके दुकान में कार्रवाई हो चुकी है. लाइसेंस अनीता कुमारी के नाम से है. बगैर सूचना दुकान बंद करना भी गलत है. जांच के बाद नियम संगत कार्रवाई की जायेगी. कहा कि सभी दवा दुकानों की रूटीन जांच नियमित की जाती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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