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Durga Puja: झारखंड के इस शक्तिपीठ में 16 दिनों तक मनाया जाता है शारदीय नवरात्र, हजारों वर्षों पुराना है इतिहास

Updated at : 05 Oct 2024 4:03 PM (IST)
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Durga Puja: झारखंड के इस शक्तिपीठ में 16 दिनों तक मनाया जाता है शारदीय नवरात्र, हजारों वर्षों पुराना है इतिहास

Durga Puja : लातेहार के मां उग्रतारा मंदिर में दुर्गा पूजा के दौरान विशेष अनुष्ठान किया जाता है. मां दुर्गा की पूजा यहां जिउतिया व्रत से शुरु हो जाती है.

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Durga Puja, चंद्रप्रकाश सिंह(लातेहार) : लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड मे अवस्थित मां उग्रतारा मंदिर में कई सालों से 16 दिवसीय शारदीय पूजा का आयोजन और नवरात्र अनुष्ठान का आयोजन होता रहा है. जो 26 सितंबर से प्रारंभ हो गई है. मंदिर में जिउतिया व्रत के पारण के दिन कलश स्थापना से पूजा प्रारंभ हो गया है.

16 दिनों की पूजा के बाद विजयादशमी में चढ़ाया जाता है पान

16 दिवसीय पूजन के बाद विजयादशमी के दिन मां भवगती को पान चढाया जाता है. आसन से पान गिरने के बाद यह मान्यता है कि भगवती की ओर से विसर्जन की अनुमति मिल गई है तब विसर्जन होता है. मंदिर के सेवायत सह मुन्तजिमकार गोविंद बल्लभ मिश्रा बताते हैं कि पूजा पद्धति कालिका व मार्कण्डेय पुराण से ली गई है. नवरात्र के दिनों में इस मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है.

16 दिवसीय शारदीय पूजा के कार्यक्रम

मंदिर के सेवायत सह मुन्तजिमकार गोविंद बल्लभ मिश्रा ने बताया कि 26 सितंबर को कलश स्थापना के बाद दो अक्टूबर को मां गौरा के आगमन के बाद 7 कलशो की स्थापना और शाम में पूजा की गई. तीन अक्टूबर शुक्ल पक्ष पंचमी को मंडप स्थित कलश पूजा के बाद श्रद्धालुओं के द्वारा पूजा हुई. षट्ठी बुधवार को विल्वभिमंत्रण के लिए दामोदर गांव मे प्रस्थान किया जाएगा. 10 अक्टूबर को गौरा विसर्जन के बाद देवी को लाने के लिए दामोदर गांव जाया जाएगा. शाम 3:30 बजे देवी स्नान एवं शाम में सप्तमी कलश स्थापना एवं पूजन होगी. 11 अक्टूबर की सुबह 6:45 बजे में संधि काल में महिश बलि, रात्रि में अष्टमी नवमी महानिशा पूजा के बकरा की बलि दी जाएगी. अहले सुबह 5:47 बजे महामार (काड़ा बलि) और 12 अक्टूबर को सुबह आरती के बाद भगवती का भव्य श्रृंगार पान चढ़ाया जाएगा. जिले भर के लोगों के आस्था का केंद्र है नगर मंदिर. इस मंदिर में झारखंड, बिहार, बंगाल, ओडीसा, मध्य प्रदेश, दिल्ली व उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पूजा करने के लिए आते हैं.

मां करती है भक्तों की मनोकामना पूरी

इस मंदिर की ऐसी मान्यता है कि यहां भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती है. ऐसा माना जाता है कि मां के आसन पर 11 फूल चढ़ाने से मां भक्तों की मनोकामना पूरी कर देती है.

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Kunal Kishore

लेखक के बारे में

By Kunal Kishore

कुणाल ने IIMC , नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा की डिग्री ली है. फिलहाल, वह प्रभात खबर में झारखंड डेस्क पर कार्यरत हैं, जहां वे बतौर कॉपी राइटर अपने पत्रकारीय कौशल को धार दे रहे हैं. उनकी रुचि विदेश मामलों, अंतरराष्ट्रीय संबंध, खेल और राष्ट्रीय राजनीति में है. कुणाल को घूमने-फिरने के साथ पढ़ना-लिखना काफी पसंद है.

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