कारगिल दिवस पर विशेष : चिल्ड्रेन पार्क का नामकरण कारगिल पार्क के रूप में किया गया

Updated at : 25 Jul 2019 10:23 PM (IST)
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कारगिल दिवस पर विशेष : चिल्ड्रेन पार्क का नामकरण कारगिल पार्क के रूप में किया गया

आशीष टैगोर, लातेहार 26 जुलाई को प्रतिवर्ष देश में कारगिल दिवस मनाया जाता है. इस दौरान पूरा देश वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को याद करता है. हालांकि लातेहार जिला के एक भी वैसे सैनिक का नाम रिकार्ड में दर्ज नहीं है. जिन्‍होंने युद्ध के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान दिया हो. […]

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आशीष टैगोर, लातेहार

26 जुलाई को प्रतिवर्ष देश में कारगिल दिवस मनाया जाता है. इस दौरान पूरा देश वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को याद करता है. हालांकि लातेहार जिला के एक भी वैसे सैनिक का नाम रिकार्ड में दर्ज नहीं है. जिन्‍होंने युद्ध के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान दिया हो. हां, लातेहार में कारगिल के शहीदों के नाम पर एक पार्क अवश्य है. शहर के थाना चौक में चिल्ड्रेन पार्क के रूप विकसित किये गये पार्क का नामकरण कारगिल युद्ध के बाद कारगिल पार्क के रूप में किया गया था.

पहले यहां तालाब हुआ करता था

अस्सी के दशक में यहां एक तालाब हुआ करता था. अधिसूचित क्षेत्र समिति (एनएसी) के द्वारा उक्त तालाब को भरकर चिल्ड्रेंस पार्क का निर्माण कराया गया था. बाद में वर्ष 15 अगस्त 2000 को तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी पंकज कुमार ने इस पार्क का नामांकरण कारगिल पार्क किया और यहां कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिक की आदमकद प्रतिमा स्थापित की. तब से यह कारगिल पार्क के नाम से जाना जाता है. प्रारंभ में यहां बच्चो के खेलने के लिए खेल उपकरण लगाये गये थे, लेकिन देख रेख के अभाव में सभी नष्ट हो गये.

कई बार सुंदरीकरण किया गया

नगर पंचायत के अधीन कारगिल पार्क को नगर पंचायत के द्वारा कई बार सुदंरीकरण करने का प्रयास किया गया. पिछली बार वर्ष 2017 में तत्कालीन उपायुक्त प्रमोद कुमार गुप्ता के निर्देश पर कारगिल पार्क का तकरीबन आठ लाख रुपये की लागत से सुंदरीकरण किया गया था. फिर से यहां वाकिंग ट्रैक एवं चहारदीवारी का निर्माण कराया गया था. लेकिन इस बार बच्चों के खेलने के उपरकण नहीं लगाये गये थे. लिहाजा यहां बच्चे खेलने नहीं आते हैं.

नशेड़ियों का अड्डा बन गया है कारगिल पार्क

पार्क में रौशनी नहीं रहने के कारण शाम ढलती नहीं हैं कि यहां गांजा-भांग का सेवन करने वालों की भीड़ लग जाती है. पार्क में अंधेरा होने के कारण शहीद स्मारक के नीचे बैठ कर गांजा का कश लगाते नशेड़ियों को आसानी से देखा जा सकता है.

सिर्फ दो दिन सुधी ली जाती है कारगिल पार्क की

कारगिल पार्क में स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य झंडोतोलन से पहले पूर्वाह्न आठ बजे जिले के आला अधिकारियों के द्वारा शहीद स्मारक पर पुष्‍पांजलि की जाती है. इसके अलावा कारगिल विजय दिवस के दिन यहां पुलिस के पदाधिकारियों के द्वारा पुष्पांजलि की जाती थी, लेकिन विगत कई वर्षों से कारगिल विजय दिवस पर यहां पुष्पांजलि नहीं की जा रही है. गत दो-तीन वर्षों से स्थानीय बच्चों के द्वारा यहां पुष्पाजंलि की जा रही है.

कारगिल पार्क के गेट पर लगी रहती है टेंपो

कारगिल पार्क के मुख्य गेट एवं चहारदिवारी के सामने का क्षेत्र टेंपो स्टैंड के रूप में विकसित हो गया है. टेंपो चालकों का कहना है कि कारगिल पार्क बनने से पहले से ही यहां टेंपो लगती थी. यहां पार्क तो बना दिया गया लेकिन टेंपो स्टैंड के लिए अन्यत्र जगह मुहैया नहीं कराया गया, इस कारण यहां टेंपो लगाना हमारी मजबूरी बन गयी है.

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