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अक्तो नदी का अस्तित्व खतरे में, ग्रामीण परेशान

Updated at : 06 Sep 2025 9:25 PM (IST)
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अक्तो नदी का अस्तित्व खतरे में, ग्रामीण परेशान

जयनगर की महत्वपूर्ण अक्तो नदी जयनगर को बराकर नदी से जोड़ने का काम करती है.

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जयनगर. जयनगर की महत्वपूर्ण अक्तो नदी जयनगर को बराकर नदी से जोड़ने का काम करती है. अवैध बालू उत्खनन के कारण इस नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है. नदी धीरे-धीरे नाले का रूप लेता जा रहा है. नदी में दूर-दूर तक झाड़ झंखाड उग आये हैं. प्रखंड के जयनगर पहरीडीह, गोपालडीह, खेशकरी गांव का श्मशान घाट इसी नदी के किनारे है, जो विलुप्त होने के कगार पर है. शवों का अंतिम संस्कार करने से पहले लोगों को झाड़ियों की साफ-सफाई करनी पड़ती है. पानी कम रहने के कारण बालू का उत्खनन अभी भी जारी है. यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह नदी विलुप्त हो जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANUJ SINGH

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