ePaper

सांसों के रुकने के पहले इच्छाओं का रूक जाना है उत्तम समाधि

Updated at : 01 Jun 2025 10:19 PM (IST)
विज्ञापन
सांसों के रुकने के पहले इच्छाओं का रूक जाना है उत्तम समाधि

श्री दिगंबर जैन समाज के नेतृत्व में श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में परम पूज्य आचार्य श्री 108 भद्रबाहु सागर जी मुनिराज के सानिध्य में रविवार को आचार्य श्री के गुरु समाधिस्थ आचार्य श्री 108 विपुल सागर जी महाराज का समाधि दिवस मनाया गया.

विज्ञापन

आचार्य श्री 108 विपुल सागर जी महाराज का समाधि दिवस मनाया गया. 1कोडपी11 अचार्य श्री के सानिध्य में हो रहे अनुष्ठान में शामिल श्रद्धालु. झुमरीतिलैया . श्री दिगंबर जैन समाज के नेतृत्व में श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में परम पूज्य आचार्य श्री 108 भद्रबाहु सागर जी मुनिराज के सानिध्य में रविवार को आचार्य श्री के गुरु समाधिस्थ आचार्य श्री 108 विपुल सागर जी महाराज का समाधि दिवस मनाया गया. इस दौरान प्रातः देवाधिदेव 1008 महावीर भगवान की प्रतिमा का अभिषेक ओर गुरु मुख से बिशेष शांतिधारा का सौभाग्य पटना से आये अजित जैन और गया से आये कुशाग्र जैन अजमेरा को प्राप्त हुआ. इसके बाद समाधिस्थ आचार्य श्री की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित की गयी. भक्तों ने अष्ठ द्रब्यो से संगीतमय गुरु पूजा की. यह सुबोध-आशा जैन गंगवाल के द्वारा कराया गया. समाज के सभी लोगो ने एक एक अर्घ गुरु चरणों में समर्पित किया इस अवसर पर आचार्य श्री ने गुरु के साथ रहे पल को बताया. उन्होंने कहा कि गुरु का आशीष हमारे ऊपर हमेशा है आज से 3 वर्ष पूर्व अयोध्या में गुरु की समाधि हुई थी. उन्होंने कहा कि संसार में प्रतिपल सैकड़ों प्राणियों का जन्म मरण हो रहा है और बहुतायत प्राणी जन्म लेकर मात्र जीवन के निर्वाह तक ही सीमित रह जाते हैं, और जीवन की इहलीला विषय भोगों में ही समाप्त कर देते हैं. विरले ही प्राणी, मात्र निर्वाह तक सीमित न रहकर अपनी अनंत शक्ति और योग्यता को पहचान कर जीवन निर्माण का महान् पुरुषार्थ करते हैं. वही महापुरूष निर्माण के माध्यम से निर्वाण को उपलब्ध होते हैं. गुरुदेव आचार्य विपुल सागर जी ने दीर्घकालीन अस्वस्थता के बाद भी कभी शरीर के उपचार का भाव नहीं किया तभी जीवन की निर्मलता के साथ उत्तम मरण को प्राप्त हुए. उन्होंने कहा कि सांसों के रुकने के पहले इच्छाओं का रूक जाना उत्तम समाधि है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
VIKASH NATH

लेखक के बारे में

By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola